भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता: धारा-301 की जांच पर नवीनतम अपडेट
भारत का स्पष्ट रुख अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में
अमेरिका द्वारा बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता के मुद्दों पर शुरू की गई धारा-301 की जांच के संदर्भ में, भारत सरकार ने अपने विचार स्पष्ट किए हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार, 3 जून 2026 को बताया कि भारत इस मामले पर अमेरिकी प्रशासन के साथ निरंतर संवाद में है और दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी है.
अमेरिकी प्रस्ताव और जांच का विवरण
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के कार्यालय ने इस वर्ष 11-12 मार्च 2026 को बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से संबंधित वैश्विक मुद्दों पर भारत समेत 60 देशों के खिलाफ धारा-301 के तहत एक व्यापक जांच आरंभ की थी.
इस जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर, USTR ने 2 जून 2026 को एक प्रस्ताव जारी किया, जिसमें 60 देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाने की सिफारिश की गई है.
अतिरिक्त शुल्क की संरचना
10% अतिरिक्त शुल्क: कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पाकिस्तान पर.
12.5% अतिरिक्त शुल्क: भारत, चीन सहित 54 अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर.
भारत के प्रमुख व्यापारिक प्रतिस्पर्धी जैसे पाकिस्तान और इंडोनेशिया इस सूची में 10 प्रतिशत के दायरे में हैं, जबकि भारत पर 12.5 प्रतिशत शुल्क का प्रस्ताव है. हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह उपाय अभी केवल एक प्रस्ताव के चरण में है.
भारत की स्थिति और आगे की प्रक्रिया
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, "भारत धारा-301 कार्यवाही के मामले में अमेरिका के साथ संपर्क में है। साथ ही, भारत दो फरवरी 2026 को घोषित समझौते के ढांचे और सात फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप अमेरिका के साथ समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत कर रहा है."
इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि धारा-232 के तहत आने वाले उत्पादों और कुछ अन्य वस्तुओं को इन प्रस्तावित शुल्कों से बाहर रखा गया है. कपड़ा एवं परिधान उत्पादों के लिए एक विशेष प्रणाली प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत चयनित देशों से एक निश्चित मात्रा में आयात को अमेरिका में कम शुल्क दरों पर प्रवेश की अनुमति मिल सकती है.
जनसुनवाई और अंतिम निर्णय की प्रक्रिया
वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये प्रस्तावित शुल्क अभी अंतिम नहीं हैं और अमेरिकी नियमों के तहत भारत और अन्य हितधारकों के पास अपनी बात रखने का पूरा मौका है:
22 जून 2026: सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि.
6 जुलाई 2026: अमेरिकी प्रशासन के समक्ष लिखित टिप्पणियां और आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख.
7 जुलाई 2026: इस मामले पर आधिकारिक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाएगी.
अंत में, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) इन सभी लिखित टिप्पणियों, दलीलों और जनसुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों पर विचार करने के बाद ही धारा-301 के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाने पर कोई अंतिम निर्णय लेगा.