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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर वार्ता का समापन

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर चार दिन तक चली वार्ता का समापन हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों ने सहयोग और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ बातचीत की। भारत ने कई अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क कम करने का प्रस्ताव दिया है और अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने की इच्छा जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी भारत के साथ व्यापार संबंधों को लेकर सकारात्मक बयान दिया है। जानें इस समझौते के पीछे की रणनीतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
 

नई दिल्ली में वार्ता का समापन


नई दिल्ली में चार दिन तक चली वार्ता गुरुवार को समाप्त हुई


बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा जारी है। इस संदर्भ में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल हाल ही में भारत आया था। चार दिनों तक चली वार्ता का समापन गुरुवार को हुआ। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि बातचीत सहयोगात्मक और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ हुई। दोनों देशों ने एक ऐसे समझौते पर सहमति बनाने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी और दोनों पक्षों को समान लाभ होगा।


अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच ने किया, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन ने किया। दोनों देशों ने पहले चरण के द्विपक्षीय व्यापार समझौते का ढांचा तय कर लिया है। अब अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक व्यापार समझौते पर आगे की बातचीत चल रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि पहले चरण के अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ छोटे बिंदुओं पर चर्चा बाकी है।


500 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य

भारत ने इस समझौते के तहत कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने या हटाने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, प्रौद्योगिकी उपकरण, कीमती धातुएं और कोकिंग कोल खरीदने की इच्छा भी जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले शुल्क संबंधी लाभ मिलेगा। अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात 87.3 अरब डॉलर और आयात 52.9 अरब डॉलर रहा।


अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि कई वर्षों तक भारत ने अमेरिका पर ऊंचे आयात शुल्क लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैरिफ वसूलता था, जबकि अमेरिका को उसका समान लाभ नहीं मिलता था। ट्रंप ने कहा कि अब स्थिति बदल गई है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा राजस्व प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार होता रहा है और जल्द ही दोनों देश व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं और व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।