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भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते की बातचीत अंतिम चरण में

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की बातचीत अब अंतिम चरण में है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अधिकांश मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और अब केवल कुछ छोटी बारीकियों पर चर्चा चल रही है। अमेरिकी टीम नई दिल्ली में वार्ता के लिए मौजूद है, जो 2 से 4 जून तक चलेगी। इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी चल रही है। जानें इस महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते के बारे में और क्या-क्या बातें सामने आई हैं।
 

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की प्रगति

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को जानकारी दी कि भारत और अमेरिका ने अपने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के अधिकांश मुद्दों को सुलझा लिया है। अब बातचीत कुछ छोटी बारीकियों पर केंद्रित है, जिन्हें उन्होंने अल्पविराम और पूर्ण विराम के रूप में वर्णित किया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी टीम इस समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली में मौजूद है, और यह वार्ता 2 से 4 जून तक चलेगी। 3 फरवरी को दोनों देशों ने बीटीए के पहले चरण की रूपरेखा की घोषणा की थी।


 


गोयल ने पत्रकारों से कहा कि लगभग सभी पहलुओं पर सहमति बन चुकी है। अमेरिकी राजदूत गोर ने भी कहा था कि 99 प्रतिशत मुद्दे तय हो चुके हैं। अब केवल कुछ छोटी-मोटी बातों पर चर्चा चल रही है। समझौते को अंतिम रूप देते समय, अमेरिका में हुए कानूनी परिवर्तनों को अंतिम दस्तावेज में कैसे समाहित किया जाएगा, इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमेरिका के साथ बीटीए के पहले चरण पर जल्द हस्ताक्षर होंगे और एक व्यापक बीटीए पर आगे की चर्चा शुरू होगी।


 


अमेरिकी टीम का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारत की ओर से दर्पण जैन, जो वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं, वार्ता में शामिल होंगे। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने अंतरिम समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत विभिन्न क्षेत्रों जैसे बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ उपाय, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।


 


7 फरवरी को भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण या अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। अब दोनों पक्षों को इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना होगा, जो भारत और अमेरिका के बीच व्यापक बीटीए वार्ता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।