×

भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता में तेजी, जी20 सम्मेलन से पहले समझौते की उम्मीद

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत के साथ व्यापार वार्ता में प्रगति की जानकारी दी है। दोनों देश दिसंबर में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले बातचीत को पूरा करने की योजना बना रहे हैं। कार्नी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कनाडा की यात्रा करेंगे, हालांकि तारीख अभी तय नहीं हुई है। इसके अलावा, कनाडा और भारत ने मार्च में व्यापक व्यापार समझौते के लिए औपचारिक बातचीत शुरू की थी। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या-क्या योजनाएँ हैं।
 

भारत-कनाडा व्यापार वार्ता में प्रगति

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता में सकारात्मक प्रगति हो रही है। दोनों देश दिसंबर में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले बातचीत को पूरा करने का लक्ष्य बना रहे हैं। कार्नी ने बताया कि भारत ने यह पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उस समय कनाडा की यात्रा करेंगे, हालांकि यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है।


संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कार्नी ने कहा, "हम भारत के साथ व्यापार वार्ता में अच्छी प्रगति कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने और मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन तक वार्ता को समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।


जी20 शिखर सम्मेलन और व्यापार विस्तार की योजनाएँ

जी20 शिखर सम्मेलन 14-15 दिसंबर को मियामी में ट्रंप नेशनल डोरल में आयोजित किया जाएगा। कार्नी ने अगले दशक में अमेरिका के अलावा अन्य देशों के साथ कनाडा के व्यापार को दोगुना करने की योजना बनाई है। उन्होंने भारत को अमेरिका पर निर्भरता कम करने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ा है। पिछले सप्ताह, कार्नी ने कनाडा के यूरोपीय संघ का पहला सहयोगी सदस्य बनने की संभावना का समर्थन किया था।


चीन के साथ व्यापार समझौता

कार्नी ने इस साल की शुरुआत में चीन के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत चीन में निर्मित कुछ इलेक्ट्रिक वाहनों को कनाडा में कम शुल्क पर आयात करने की अनुमति दी गई। इसके बदले, चीन ने कनाडा से आयातित कैनोला पर शुल्क कम करने पर सहमति जताई।


कनाडा और भारत ने मार्च में व्यापक व्यापार समझौते के लिए औपचारिक बातचीत शुरू की थी, और दोनों सरकारों ने 2026 के अंत तक वार्ता को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।