भारत और कनाडा के बीच व्यापार समझौता: 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और कनाडा के बीच व्यापार की संभावनाएं
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापार की संभावनाएं बहुत अधिक हैं। वे वर्तमान में भारत के दौरे पर हैं और इस दौरान उन्होंने बताया कि दोनों देश एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। कार्नी ने आशा व्यक्त की कि यह समझौता इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा। उनका कहना है कि भारत और कनाडा का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करना है।
वर्तमान व्यापार स्थिति
वर्तमान में, भारत और कनाडा के बीच 7.8 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है। कार्नी ने कनाडा-भारत फोरम में कहा कि इस समझौते पर हस्ताक्षर इस साल के अंत तक होने की उम्मीद है। वे चार दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं और इसे दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने लक्ष्यों को ऊंचा रखना चाहिए और साझेदारी को और अधिक रणनीतिक बनाना चाहिए।
भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी
कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा भारत के विनिर्माण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और परमाणु उद्योगों में महत्वपूर्ण खनिजों और धातुओं के लिए एक रणनीतिक भागीदार बन सकता है। इसके अलावा, भारत 2040 तक स्वच्छ ऊर्जा को दोगुना करने में कनाडा की मदद कर सकता है। उन्होंने भारत के नेतृत्व को एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह कनाडा के तकनीकी विकास के साथ मेल खाता है।
भविष्य की योजनाएं
कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया था। इसके बाद, दोनों नेताओं ने सुरक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में पुनः सहयोग पर सहमति व्यक्त की। कुछ महीनों बाद, जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन में, मोदी और कार्नी ने ऑस्ट्रेलिया के साथ महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी पर एक ऐतिहासिक साझेदारी की शुरुआत की।