भारत का 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य: प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य
नई दिल्ली, 2 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को घोषणा की कि भारत अगले 10-11 वर्षों में 500 गीगावाट की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आ रही चुनौतियों के बीच, यह कदम देश की जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रयासों को तेज करने का संकेत है। उन्होंने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान कहा कि भारत ने पहले ही लगभग 300 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा की स्थापित क्षमता प्राप्त कर ली है और 2030 तक 500 गीगावाट के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
निवेश के अवसर और ऊर्जा सुरक्षा
मोदी ने बताया कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में दशक के अंत तक 20 लाख करोड़ रुपये (लगभग 220 अरब डॉलर) के निवेश के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, पारेषण बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और ऊर्जा भंडारण के विस्तार से ये अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
पेरिस जलवायु समझौते की उपलब्धि
इस प्रकार, भारत ने पेरिस जलवायु समझौते के तहत 2030 की समयसीमा से पांच साल पहले यह उपलब्धि हासिल की है। मोदी ने कहा, "हमारा लक्ष्य 500 गीगावाट नई गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता जोड़ना है। यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मुझे अपने देश की क्षमताओं पर पूरा विश्वास है।"
वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों और वैश्विक ऊर्जा संकट ने यह स्पष्ट किया है कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध आर्थिक सुरक्षा से है। पिछले एक दशक में स्वच्छ ऊर्जा में भारत के निवेश ने उसे बाहरी समस्याओं का बेहतर तरीके से सामना करने में मदद की है।
नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की अपील
मोदी ने निवेशकों से भारत में निवेश करने की अपील की, यह कहते हुए कि देश में राजनीतिक और नीतिगत स्थिरता है और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के कई अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि भारत सौर और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है।
हरित हाइड्रोजन मिशन और भविष्य की योजनाएं
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हरित ऊर्जा गलियारे का भी जिक्र किया, जो आने वाले समय में विकसित होने वाली नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से उत्पादित बिजली को अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
स्वच्छ ऊर्जा से बचत और सम्मेलन की जानकारी
मोदी ने बताया कि 44,000 से अधिक सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है, जिससे सालाना लगभग 700 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। यह चार दिवसीय सम्मेलन 2 से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।