भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण: मोबाइल फोन उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग हाल के वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। केंद्र सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में इस क्षेत्र ने उत्पादन, निर्यात और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अब देश में उपयोग होने वाले लगभग सभी मोबाइल फोन भारत में निर्मित हो रहे हैं।
मोबाइल फोन का उत्पादन
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि वर्तमान में भारत में उपयोग किए जाने वाले 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन देश में ही बनाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन के मामले में भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है।
उत्पादन में वृद्धि
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014-15 में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर लगभग 13.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी 38 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 11 गुना वृद्धि दर्शाता है।
मोबाइल निर्माण में वृद्धि
मोबाइल निर्माण क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है। सरकार के अनुसार, 2014-15 में मोबाइल फोन का उत्पादन लगभग 18 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मोबाइल फोन का निर्यात भी 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 165 गुना की वृद्धि है।
स्मार्टफोन का निर्यात
सरकार का कहना है कि अब स्मार्टफोन भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात उत्पाद बन चुका है, जिसने पारंपरिक निर्यात क्षेत्रों जैसे पेट्रोलियम उत्पादों और रत्न एवं आभूषण को पीछे छोड़ दिया है। भारत से स्मार्टफोन के अलावा सौर ऊर्जा मॉड्यूल, व्यक्तिगत कंप्यूटर और मुद्रित परिपथ पट्टिकाओं का भी निर्यात किया जा रहा है। अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, नीदरलैंड और हांगकांग प्रमुख निर्यात बाजार हैं।
रोजगार के अवसर
सरकार ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में लगभग 25 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। मोबाइल निर्माण उद्योग में लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार मिला है। कई उच्च तकनीक वाले मोबाइल निर्माण संयंत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है, और कुछ इकाइयों में लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं।
सरकारी नीतियाँ
सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ लागू की हैं, जैसे उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण समूह योजना, और अर्धचालक प्रोत्साहन योजना। इसके साथ ही, 1.27 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले सेमिकॉन 2.0 कार्यक्रम और मोबाइल फोन निर्माण योजना के माध्यम से घरेलू मूल्य संवर्धन, अनुसंधान, डिजाइन और उन्नत विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।