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भारत का ऑनलाइन खुदरा बाजार 2026 में 90 अरब डॉलर को पार करेगा

भारत का ऑनलाइन खुदरा बाजार 2026 में 90 अरब अमेरिकी डॉलर को पार करने की संभावना है, जिसमें सालाना 22-24 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। किराना उत्पादों की बढ़ती मांग इस वृद्धि का मुख्य कारण है। रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स का सकल वस्तु मूल्य 2026 की पहली छमाही में 25 प्रतिशत बढ़कर 38 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि किराना और अन्य उत्पाद श्रेणियाँ ऑनलाइन खुदरा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
 

भारत के ई-कॉमर्स में तेजी का अनुमान

भारत का ऑनलाइन खुदरा क्षेत्र 2026 तक 90 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार करने की संभावना है। इस क्षेत्र में सालाना 22 से 24 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे तेज होगी। इस वृद्धि का मुख्य कारण किराना जैसे रोजमर्रा के उत्पादों की बढ़ती मांग है, जो मोबाइल फोन की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।


रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट

रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स का सकल वस्तु मूल्य (जीएमवी) 2026 की पहली छमाही में सालाना आधार पर लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर लगभग 38 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो चार वर्षों में इसका सबसे मजबूत प्रदर्शन होगा। हालांकि, ऑनलाइन खुदरा कारोबार में तेजी के बावजूद, पहली छमाही में मोबाइल फोन की बिक्री स्थिर रही है। कीमतों में वृद्धि के कारण बिक्री की मात्रा सीमित रहने की वजह से पूरे वर्ष में इसके केवल 2-3 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।


किराना खंड की बढ़ती लोकप्रियता

फैशन के बाद, किराना खंड भारतीय ई-कॉमर्स में मोबाइल फोन को पीछे छोड़कर दूसरा सबसे बड़ा वर्ग बनने के लिए तैयार है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किराना, सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल (बीपीसी), और गृह सज्जा तथा फर्नीचर 2026 में कुल ऑनलाइन खुदरा जीएमवी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होंगे।