भारत का टेक्सटाइल क्षेत्र: वैश्विक बाजार में बढ़ती उपस्थिति
भारत टेक्स-2026 का उद्घाटन
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच, भारत का वस्त्र उद्योग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को 'भारत टेक्स-2026' के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की निर्यात विविधीकरण नीति के तहत, आज भारत के 550 जिलों से वस्त्र उत्पाद सीधे वैश्विक बाजारों में भेजे जा रहे हैं।
सिंह ने कहा कि निर्यात विविधीकरण के लिए 40 प्रमुख देशों को लक्षित करने की रणनीति के कारण, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद वस्त्र निर्यात में निरंतर वृद्धि हो रही है।
130 देशों की भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए सिंह ने कहा, 'यहां 130 देशों के खरीदार मौजूद हैं। हम विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं। कुछ पर बातचीत चल रही है, जबकि कुछ पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। यह दर्शाता है कि हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हैं।'
'भारत टेक्स-2026' में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, रूस, दक्षिण अफ्रीका, यूएई और बांग्लादेश जैसे देशों की भागीदारी है। सिंह ने कहा कि इस आयोजन में विभिन्न देशों की भागीदारी, मुक्त व्यापार समझौतों और निर्यात विविधीकरण को बढ़ावा देने की सरकार की पहल को दर्शाती है।
निर्यात का लक्ष्य
सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने निर्यात विविधीकरण के लिए 40 देशों की पहचान की है। इस कारण वैश्विक अनिश्चितताओं का भारत के वस्त्र निर्यात पर कम प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने यह भी बताया कि 'भारत टेक्स-2026' में भाग लेने वाले प्रदर्शकों में 90 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (MSME) शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
वस्त्र बाजार का विकास
सिंह ने कहा कि वैश्विक वस्त्र आयात का आकार लगभग 900 अरब अमेरिकी डॉलर है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कई प्रमुख देशों के साथ एफटीए किए हैं और अन्य देशों के साथ बातचीत जारी है।
इस आयोजन में विदेशी खरीदारों के साथ-साथ निवेशक भी रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिरुपुर, सूरत, इचलकरंजी, पानीपत और लुधियाना जैसे वस्त्र विनिर्माण केंद्र तेजी से उभर रहे हैं।
सिंह ने यह भी बताया कि सरकार ने अक्टूबर तक कपास पर आयात शुल्क समाप्त कर दिया है।
2030 तक का लक्ष्य
वस्त्र क्षेत्र की विकास संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्त्र बाजार तैयार करना है, जिसमें 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 250 अरब अमेरिकी डॉलर का घरेलू बाजार शामिल होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के समय घरेलू वस्त्र बाजार का आकार 138 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो अब बढ़कर लगभग 190 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है।