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भारत का वस्तु निर्यात अगस्त में 26.12% बढ़ा, व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर हुआ

अगस्त 2023 में भारत का वस्तु निर्यात 26.12% बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया, जबकि व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस रिपोर्ट में जानें कि कैसे सोने के आयात में कमी और कच्चे तेल के आयात में वृद्धि ने इन आंकड़ों को प्रभावित किया। वाणिज्य मंत्री और सचिव ने निर्यात वृद्धि की गति को सकारात्मक बताया है।
 

अगस्त में निर्यात और आयात के आंकड़े

भारत का वस्तु निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 43.81 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि के चलते सोने के आयात में कमी आई, जिससे व्यापार घाटा घटकर पांच महीने के न्यूनतम स्तर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में देश का आयात 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर हो गया।


आयात में वृद्धि के प्रमुख कारण

इस अवधि में कच्चे तेल, परियोजना वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चांदी, कोयला और कोक के आयात में वृद्धि देखी गई। अगस्त में सोने का आयात 57.75 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जबकि कच्चे तेल का आयात 37.28 प्रतिशत बढ़कर लगभग 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया।


ब्रेंट क्रूड की कीमतें

पिछले महीने ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 से 94 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही। अगस्त में निर्यात वृद्धि जून 2022 के बाद सबसे अधिक रही, जब निर्यात में 30.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।


निर्यात में क्षेत्रीय वृद्धि

अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में क्रमशः 90 प्रतिशत, 25 प्रतिशत और 63.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पिछले महीने व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया, जो मार्च में 20.67 अरब डॉलर का सबसे निचला स्तर था।


सरकारी प्रतिक्रिया

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अगस्त के निर्यात आंकड़ों को सकारात्मक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ये आंकड़े विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाते हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि निर्यात वृद्धि की गति अच्छी है और इसमें और तेजी आ रही है।


आर्थिक विस्तार के संकेत

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में आयात में वृद्धि घरेलू आर्थिक विस्तार, बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और विनिर्माण क्षेत्र की तेज वृद्धि के लिए आवश्यक कच्चे माल के कारण हुई है। प्रमुख कारकों में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, कोयला, कोक और इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं।


निर्यात की मांग

इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा निर्यात वृद्धि के मुख्य कारण रहे। अग्रवाल ने कहा कि निर्यात की मांग अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से आई है। अप्रैल से अगस्त 2026-27 में वस्तु निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर रहा।


वस्तु व्यापार घाटा

चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 147.09 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 123.88 अरब डॉलर था। अप्रैल से अगस्त 2026-27 में कच्चे तेल का आयात 95.57 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 78.07 अरब डॉलर था। इसी तरह, इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 46.31 अरब डॉलर से बढ़कर 66.48 अरब डॉलर हो गया।


सेवा निर्यात और आयात

इस अवधि में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 25.32 अरब डॉलर से बढ़कर 35.31 अरब डॉलर हो गया। अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक सामान और परियोजना वस्तुओं का आयात क्रमशः 53.27 प्रतिशत बढ़कर 13 अरब डॉलर और 377.71 प्रतिशत बढ़कर 96.078 करोड़ डॉलर रहा। सरकारी अनुमानों के अनुसार, अगस्त में सेवा निर्यात 38.87 अरब डॉलर और सेवा आयात 21.42 अरब डॉलर रहा।