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भारत का विमानन क्षेत्र: रोजगार के नए अवसर और विकास की दिशा में कदम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में विमानन क्षेत्र की प्रगति पर जोर दिया, जिसमें रोजगार के नए अवसरों और देश में निर्मित विमानों की सफलता का उल्लेख किया गया। उन्होंने नए हवाई अड्डों और मार्गों के निर्माण से युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की बात की। इसके अलावा, स्वामित्व योजना के माध्यम से गांवों में संपत्तियों के मुक्त होने और व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों से ऋण लेने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की। जानें इस क्षेत्र में और क्या हो रहा है।
 

प्रधानमंत्री मोदी का विमानन क्षेत्र पर बयान

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि देश का विमानन उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे रखरखाव और ओवरहॉलिंग गतिविधियों के माध्यम से कई कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। भारत अब दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू विमानन बाजारों में से एक बन चुका है। स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में, मोदी ने विमानन क्षेत्र की प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा कि देश में निर्मित विमानों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।


नए हवाई अड्डे और रोजगार के अवसर

उन्होंने कहा, "विमानन क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, जिससे हमारे युवाओं के लिए रोजगार के कई नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। नए हवाई अड्डों और मार्गों के निर्माण से रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।" मोदी ने यह भी बताया कि रखरखाव और ओवरहॉलिंग के क्षेत्र में भी कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।


भारतीय विमानन कंपनियों की वृद्धि

भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा अपने बेड़े में नए विमानों को शामिल करने से इस क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि भारत में निर्मित रक्षा परिवहन विमान सी-295 ने सफल उड़ान भरी है, जिसे उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


स्वामित्व योजना का लाभ

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ड्रोन के माध्यम से गांवों में स्वामित्व योजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया, "लगभग 3.25 करोड़ परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है, जिससे करीब 140 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां मुक्त हुई हैं। इससे लोग बैंकों से ऋण लेकर अपने व्यवसाय की शुरुआत कर पा रहे हैं।"