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भारत का व्यापार घाटा: सोने और चांदी के आयात में वृद्धि

भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में 28.38 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। सोने और चांदी के आयात में भारी वृद्धि के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। चालू खाता घाटा भी बढ़ा है, जो निर्यात में कमी के चलते हुआ। वाणिज्य सचिव ने बताया कि बढ़े हुए आयात शुल्क से इस वर्ष आयात में कमी आने की संभावना है। जानें इस विषय पर और क्या जानकारी है।
 

व्यापार घाटा उच्चतम स्तर पर


सोने और चांदी के रिकॉर्ड आयात से यह 28.38 अरब डॉलर हुआ


बिजनेस डेस्क : देश में सर्राफा व्यापारियों द्वारा भारी मात्रा में सोने और चांदी का आयात व्यापार संतुलन को प्रभावित कर रहा है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में देश का व्यापार घाटा पिछले तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो अब 28.38 अरब डॉलर है।


चालू खाता घाटा

भारत का चालू खाता घाटा दिसंबर तिमाही में 13.2 अरब डॉलर रहा, जो सकल घरेलू उत्पाद का 1.3 प्रतिशत है। यह मुख्य रूप से निर्यात में कमी के कारण बढ़े व्यापार अंतर के कारण हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-दिसंबर 2025 में चालू खाता घाटा घटकर 30.1 अरब डॉलर हो गया था।


अप्रैल में आयात की स्थिति

अप्रैल में भारत का सोने का आयात 81.69 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर हो गया। चांदी का आयात भी 157.16 प्रतिशत बढ़कर 411 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। कीमती धातुओं की ऊंची कीमतों के कारण यह वृद्धि हुई है। सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर सीमा शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है।


आयात में कमी की संभावना

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि बढ़े हुए आयात शुल्क से इस वर्ष आयात में कमी आने की संभावना है। चांदी के मामले में औद्योगिक उपयोग के कारण शुल्क वृद्धि का प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो सकता है। उनका मानना है कि खपत आधारित मांग में निश्चित रूप से कमी आएगी।