भारत की GDP वृद्धि पर सियासी बहस: पीयूष गोयल का जवाब
नई दिल्ली में GDP वृद्धि पर चर्चा
नई दिल्ली: अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में भारत की GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष और कुछ पूर्व अधिकारियों ने इन आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। इस संदर्भ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि आर्थिक आंकड़ों को सही तरीके से समझने की आवश्यकता है।
GDP वृद्धि पर उठे सवाल
दिल्ली में ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में, गोयल ने GDP आंकड़ों पर उठ रहे सवालों का उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि आलोचक पुराने और नए डेटा श्रृंखलाओं की तुलना कर रहे हैं, जबकि दोनों का आधार भिन्न है। गोयल ने स्पष्ट किया कि नए GDP आंकड़ों का आधार वर्ष 2022-23 है, इसलिए इसकी तुलना 2011-12 की पुरानी श्रृंखला से करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि GDP के आंकड़े सरकार या मंत्री नहीं बनाते, बल्कि इन्हें संबंधित सांख्यिकी प्रणाली के तहत जारी किया जाता है। मंत्री ने आलोचकों पर आंकड़ों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
रोजगार के मुद्दे पर गोयल का पलटवार
GDP में वृद्धि के बावजूद रोजगार के अवसरों की कमी पर भी गोयल ने आलोचकों को जवाब दिया। पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने वृद्धि दर की वास्तविकता और रोजगार सृजन पर सवाल उठाए थे। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने भी कहा था कि 7.8 प्रतिशत का आंकड़ा नए आधार वर्ष के कारण अधिक प्रभावशाली लग रहा है। गोयल ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग हर आंकड़े में कमी निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आलोचकों के लिए कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उन्हें देश की आर्थिक प्रगति स्वीकार नहीं हो रही है।
सरकार का स्पष्टीकरण
इस विवाद के बीच, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने भी GDP आंकड़ों पर उठाए गए सवालों का उत्तर दिया। मंत्रालय ने बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए कहा कि 86.05 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पुरानी 2011-12 आधार वर्ष वाली GDP श्रृंखला से संबंधित था।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इसकी तुलना नई 2022-23 श्रृंखला से करना उचित नहीं है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पुराने आंकड़ों में बदलाव को इस तरह देखना गलत है कि पिछले साल की GDP जानबूझकर कम की गई, ताकि मौजूदा वर्ष की वृद्धि दर अधिक दिखाई दे। सरकार इसी आधार पर आंकड़ों की विश्वसनीयता का बचाव कर रही है।
विकास को बड़ी उपलब्धि मानते हैं गोयल
गोयल ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर को भारत की आर्थिक क्षमता और लोगों की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। सोमवार को जारी पहली तिमाही के आंकड़े RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रहे थे।
प्रधानमंत्री ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया था। दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आंकड़ों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर नहीं बताने वाला आंकड़ा बताया। इस प्रकार, GDP का मुद्दा अब केवल आर्थिक बहस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का नया आधार बन गया है।