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भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी: जीडीपी वृद्धि और भविष्य की संभावनाएं

भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आई है, जैसा कि हाल ही में जारी आंकड़ों से स्पष्ट होता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत 2060 तक परचेजिंग पावर पैरिटी के आधार पर चीन को पीछे छोड़ सकता है। जानें भारत की जीडीपी के भविष्य के आंकड़े और वैश्विक स्थिति के बारे में।
 

भारत की जीडीपी वृद्धि दर में सुधार

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने हाल ही में देश की जीडीपी से संबंधित आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही, जबकि 2024-25 में यह 7.1 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में अर्थव्यवस्था ने बेहतर प्रदर्शन किया है। तीसरी तिमाही में 8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई, जो चौथी तिमाही के आंकड़ों से भी बेहतर है।


आर्थिक अनुमान और विकास दर

मंत्रालय के अनुसार, 2025-26 के वित्तीय वर्ष की जनवरी से मार्च की तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि 2024-25 के लिए पहले संशोधित अनुमान के 299.89 लाख करोड़ रुपये की तुलना में, 2025-26 में वास्तविक जीडीपी 323.12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।


वहीं, मौजूदा कीमतों पर जीडीपी, जिसे नॉमिनल जीडीपी कहा जाता है, 2025-26 में 346.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि 2024-25 में यह 318.07 लाख करोड़ रुपये थी। इससे 8.9 प्रतिशत की विकास दर का संकेत मिलता है।


भारत की वैश्विक स्थिति

वर्ल्ड इनइक्वालिटी लैब द्वारा जारी एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2060 तक भारत परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर वैश्विक जीडीपी में अपनी हिस्सेदारी के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में चीन की वैश्विक जीडीपी में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।


2035 तक, चीन की हिस्सेदारी अमेरिका से दोगुनी हो जाएगी, लेकिन तेजी से घटती जनसंख्या के कारण 2045 तक यह 17 प्रतिशत और 2100 तक 8 प्रतिशत रह जाएगी। वर्तमान में, चीन की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत है। 21वीं सदी के मध्य के बाद, चीन की हिस्सेदारी में कमी आएगी और 2060 तक भारत वैश्विक जीडीपी (PPP के आधार) में चीन से आगे निकल जाएगा।


भारत की जीडीपी का भविष्य

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2026 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 4.15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होगा, जबकि यूके की जीडीपी 4.27 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी। जापान की जीडीपी 4.48 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 4.38 ट्रिलियन रह जाएगी। अमेरिका की जीडीपी 32.38 ट्रिलियन डॉलर और चीन की जीडीपी 20.85 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है।