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भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर जोर: सिंगापुर में मंत्री येसो नाइक का संबोधन

सिंगापुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सप्ताह में, ऊर्जा मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ऊर्जा की विश्वसनीय और किफायती आपूर्ति आर्थिक प्रगति और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। नाइक ने विभिन्न देशों के साथ सहयोग और जोखिमों का पूर्वानुमान लगाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इस सम्मेलन में उनकी महत्वपूर्ण मुलाकातें भी हुईं, जिसमें भूटान के मंत्री और अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक शामिल थे।
 

ऊर्जा आपूर्ति में विविधता की आवश्यकता

(फाइल फोटो के साथ) (गुरदीप सिंह) सिंगापुर, 27 अक्टूबर - बिजली एवं नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने वैश्विक चुनौतियों के बीच ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने और ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में ध्यान केंद्रित किया है। सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सप्ताह (एसआईईडब्ल्यू) में लगभग 1,000 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए नाइक ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा का आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और सामाजिक प्रगति से गहरा संबंध है। इसलिए, विश्वसनीय और किफायती ऊर्जा की उपलब्धता प्राथमिकता होनी चाहिए।


ऊर्जा सुरक्षा और विकास लक्ष्यों का संबंध

नाइक ने सम्मेलन में कहा, 'ऊर्जा सुरक्षा हमारे विकास लक्ष्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुरक्षित, भरोसेमंद और किफायती ऊर्जा की उपलब्धता किसी भी देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और सामाजिक विकास से जुड़ी होती है। इसलिए, विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना, ऊर्जा को किफायती बनाए रखना और सतत विकास को बढ़ावा देना प्राथमिकताएं हैं, जिन्हें एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ाना चाहिए।' यह सम्मेलन सिंगापुर ऊर्जा बाजार प्राधिकरण द्वारा 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।


ऊर्जा मांग में बदलाव और भविष्य की योजनाएं

नाइक ने आगे कहा, 'मजबूती बढ़ाने के लिए देशों को जोखिमों का पूर्वानुमान लगाने, आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने और ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता है।' उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा की मांग का स्वरूप बदल रहा है, जिसके लिए दूरदर्शी योजना और समय पर निवेश आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, 'आज ऊर्जा सुरक्षा का दायरा केवल ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है।'


चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग

नाइक ने कहा कि चुनौती केवल अधिक ऊर्जा का उत्पादन करना नहीं है, बल्कि ऐसी प्रणालियों का विकास करना है जो उभरती प्रौद्योगिकियों और खपत के बदलते स्वरूप के अनुरूप ऊर्जा की कुशल, विश्वसनीय और किफायती आपूर्ति कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि खनिज खदानों, महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्गों, सेमीकंडक्टर संयंत्रों या ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाइयों में व्यवधान से दूर स्थित ऊर्जा प्रणालियां और समुदाय प्रभावित हो सकते हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तैयारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।


मंत्री की महत्वपूर्ण मुलाकातें

नाइक ने सिंगापुर की विदेश मामलों, ऊर्जा और व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री गन सियो हुआंग और अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक फ्रांसेस्को ला कैमरा से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो सोनम ताशी से भी बातचीत की। भारत लौटने से पहले, नाइक बुधवार को द्वीपीय देश के पश्चिमी तट पर स्थित सेम्बकॉर्प के बानयान ऊर्जा भंडारण प्रणाली संयंत्र और केपेल सीगर्स के तुआस स्थित कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र का दौरा करेंगे।