भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को नंबर एक बनाने की दिशा में नितिन गडकरी का दृष्टिकोण
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया में नंबर एक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश में आवश्यक संसाधन और कौशल मौजूद हैं, जो इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। गडकरी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोफ़्यूल की दिशा में तेजी से बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जानें उनके विचार और योजनाएँ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए।
Sep 3, 2026, 18:17 IST
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भविष्य
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनने की सभी आवश्यकताएँ मौजूद हैं, जिसमें पैमाना, इंजीनियरिंग कौशल, बढ़ता हुआ बाजार और महत्वाकांक्षा शामिल हैं। नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत अपनी वर्तमान स्थिति से आगे बढ़कर तीसरे स्थान से पहले स्थान पर पहुँच सकता है।
गडकरी ने यह भी बताया कि भारत के लिए अवसर केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने उद्योग से आग्रह किया कि वे वैश्विक ऑटोमोटिव वैल्यू चेन में देश की भागीदारी को बढ़ाने में मदद करें। उन्होंने कहा, "हमारे पास पैमाना, क्षमता, इंजीनियरिंग कौशल और आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए हमें वैश्विक वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने की आवश्यकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऑटोमोटिव क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक नीतिगत माहौल और संस्थागत सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गडकरी ने साफ़-सुथरे परिवहन, विशेषकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोफ़्यूल की दिशा में तेजी से बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र में परिवर्तन तेजी से होना चाहिए और हमें इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बायोफ़्यूल में भारत की क्षमता है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन भी नए अवसर प्रदान कर सकता है। उन्होंने भारी वाहनों, विशेषकर ट्रकों और बसों को इस बदलाव के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।