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भारत की कंपनियों ने अंगोला से गैस खरीदने की बातचीत शुरू की

भारत की पेट्रोलियम कंपनियां अंगोला से गैस खरीदने की संभावनाओं पर चर्चा कर रही हैं। यह समझौता भारत को रसोई गैस की आपूर्ति में मदद कर सकता है, खासकर जब खाड़ी देशों से गैस की आपूर्ति बाधित है। जानें इस नई रणनीति के बारे में और इसके संभावित लाभों के बारे में।
 

भारत की नई गैस खरीद रणनीति

नई दिल्ली। भारत की पेट्रोलियम कंपनियां तेल और गैस की खरीद के लिए नए देशों के साथ बातचीत कर रही हैं और वैकल्पिक समुद्री मार्गों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इस दिशा में, भारतीय कंपनियों ने अफ्रीकी देश अंगोला से गैस खरीदने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू की है। सरकारी तेल और गैस कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल, अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल के साथ एलपीजी खरीदने के लिए बातचीत कर रही हैं।


सूत्रों के अनुसार, भारत की तेल रिफाइनिंग और मार्केटिंग कंपनियां सोनानगोल के साथ दीर्घकालिक समझौते पर विचार कर रही हैं। हालांकि, यह बातचीत अभी प्रारंभिक चरण में है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि होरमुज की खाड़ी बंद होने के कारण खाड़ी देशों से गैस भारत नहीं आ पा रही है। यदि अंगोला के साथ समझौता हो जाता है, तो जहाज अटलांटिक और अरब सागर के रास्ते सीधे भारत पहुंचेंगे, जिससे होरमुज की खाड़ी से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। अफ्रीका से गैस की आपूर्ति अमेरिका की तुलना में 10 से 15 दिन पहले भारत पहुंच जाएगी।


यदि यह समझौता सफल होता है, तो अंगोला पहली बार भारत को रसोई गैस की आपूर्ति करेगा। भारतीय कंपनियां एलपीजी के लिए एक साल और एलएनजी के लिए कम से कम 10 साल के अनुबंध पर विचार कर रही हैं। अंगोला के पास लगभग 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस का भंडार है और वह पहले से ही भारत को कच्चा तेल और एलएनजी की आपूर्ति करता रहा है। इसके अलावा, भारत ऑस्ट्रेलिया और अल्जीरिया से भी गैस आयात की संभावनाओं की तलाश कर रहा है।