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भारत की खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने की प्रतिबद्धता

भारत के रेल और सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमेरिका में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इन श्रृंखलाओं को मजबूत करने की बात की। बैठक में कई देशों के वित्त मंत्री शामिल हुए, जिन्होंने आपूर्ति श्रृंखलाओं में मौजूद कमजोरियों को दूर करने के लिए सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा की। इसके अलावा, भारत में आगामी 'एआई इम्पैक्ट समिट' पर भी चर्चा की गई।
 

महत्वपूर्ण मंत्रिस्तरीय बैठक में भागीदारी

रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमेरिका में आयोजित एक महत्वपूर्ण मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत और सुरक्षित बनाने के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर किया।


यह बैठक अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें वैष्णव ने भाग लिया।


भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए, वैष्णव ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करना भारत की विनिर्माण क्षमताओं और तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र के लिए आवश्यक है।


उन्होंने यह भी बताया कि वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास ने भारत के आर्थिक समृद्धि और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


बैठक में चर्चा और सहयोग

बैठक में, बेसेंट ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं में मौजूद कमजोरियों को दूर करने की साझा इच्छा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रों को विवेकपूर्ण जोखिम-निवारण उपायों को अपनाना चाहिए।


अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भी मजबूत और विविध खनिज आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित किया।


भारत की प्राथमिकताएँ और आगामी सम्मेलन

भारतीय दूतावास ने वैष्णव के विचारों को सुनना सम्मान की बात बताई। वित्त मंत्रियों की बैठक में कई देशों के वित्त मंत्री शामिल हुए।


इस बीच, व्हाइट हाउस में वैष्णव और भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने आगामी 'एआई इम्पैक्ट समिट' पर चर्चा की, जो 19-20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित होगा। यह सम्मेलन 'लोग, ग्रह और प्रगति' के सिद्धांतों पर केंद्रित होगा।