भारत की नई टीवी रेटिंग नीति 2026: पारदर्शिता और जवाबदेही का नया युग
टीवी रेटिंग नीति 2026 का अनावरण
सरकार ने शुक्रवार को टीवी रेटिंग नीति 2026 को पेश किया, जिसमें देश में टेलीविजन रेटिंग के नियमन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश शामिल हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य दर्शक मापन में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही को सुनिश्चित करना है।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इस नीति में टीवी रेटिंग सेवाएं प्रदान करने वाली एजेंसियों के पंजीकरण, संचालन, लेखा-परीक्षण और निगरानी के लिए स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं।
टीवी रेटिंग नीति 2026, 16 जनवरी 2014 को जारी मौजूदा दिशानिर्देशों की जगह लेगी।
नीति की प्रमुख विशेषताएँ
यह नीति सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें प्रवेश नियमों को सरल बनाने और टीवी रेटिंग एजेंसी के रूप में पंजीकरण कराने के लिए 'नेटवर्थ' की आवश्यकता को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रावधान है।
हित-संघर्ष विरोधी प्रावधानों के तहत, निदेशक मंडल के कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य स्वतंत्र निदेशक होंगे, जिनका प्रसारकों, विज्ञापनदाताओं या विज्ञापन एजेंसियों से कोई संबंध नहीं होगा।
इसके अलावा, एजेंसियों को ऐसी परामर्श सेवाएं देने से रोका गया है जो हितों के टकराव का कारण बन सकती हैं।
सैंपल आकार और डेटा संग्रहण
एजेंसियों को 18 महीने के भीतर (मौजूदा रेटिंग एजेंसियों के लिए 6 महीने) 80,000 मीटर लगे घरों तक अपने संचालन का विस्तार करना होगा, और बाद में इसे 1,20,000 घरों तक बढ़ाना होगा।
मापन प्रौद्योगिकी सभी माध्यमों से डेटा एकत्र करेगी, जिसमें केबल, डीटीएच, ओटीटी और कनेक्टेड टीवी शामिल हैं।
पारदर्शिता और गोपनीयता के लिए, एजेंसियों को अपनी कार्यप्रणाली और गुमनाम डेटा को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करना होगा।
जवाबदेही और शिकायत निवारण
जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, अब दोहरी ऑडिट प्रणाली अनिवार्य की गई है, जिसमें तिमाही आंतरिक ऑडिट और वार्षिक स्वतंत्र बाहरी ऑडिट शामिल हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समय-समय पर 'फील्ड' निरीक्षण के लिए एक ऑडिट और निगरानी दल भी गठित करेगा।
एजेंसियों को 10 दिन के भीतर शिकायतों का समाधान करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।
लैंडिंग पेज से संबंधित प्रावधान
प्रसारकों को यदि उनका चैनल किसी 'लैंडिंग पेज' पर उपलब्ध है, तो इसकी जानकारी रेटिंग एजेंसी को देनी होगी।
टीवी रेटिंग के संदर्भ में 'लैंडिंग पेज' वह चैनल है जो सेट-टॉप बॉक्स चालू करते ही स्क्रीन पर सबसे पहले दिखाई देता है।
नियमों का उल्लंघन होने पर क्रमिक दंड लगाए जाएंगे, जिनमें अस्थायी रूप से रेटिंग निलंबित करने से लेकर पंजीकरण रद्द करना शामिल है।