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भारत की शेयर बाजार रैंकिंग में गिरावट, दक्षिण कोरिया ने बढ़त बनाई

भारत की शेयर बाजार रैंकिंग में गिरावट आई है, क्योंकि दक्षिण कोरिया ने इसे पीछे छोड़ दिया है। इस लेख में जानें कि कैसे एआई और चिप निर्माण उद्योग ने दक्षिण कोरिया के बाजार को ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जबकि भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। विशेषज्ञों की राय और आर्थिक आंकड़ों के साथ, यह लेख निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
 

भारत की रैंकिंग में गिरावट

भारत को वैश्विक शेयर बाजारों में लगातार दूसरा झटका लगा है। पहले ताइवान ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान प्राप्त किया, और अब दक्षिण कोरिया भी भारत से आगे निकल गया है। इस बदलाव के साथ, भारत अब दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गया है.


दक्षिण कोरिया का बाजार मूल्य

हालिया आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, भारतीय शेयर बाजार का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 4.8 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। इस बदलाव का मुख्य कारण एआई से संबंधित तकनीकों और चिप निर्माण उद्योग में आई तेजी को माना जा रहा है.


दक्षिण कोरिया की तकनीकी कंपनियों का योगदान

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में इस वर्ष लगभग 86 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। इस वृद्धि में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ये कंपनियां एआई आधारित मेमोरी चिप तकनीक में अग्रणी मानी जाती हैं, और हाल ही में इनका मूल्यांकन 1 लाख करोड़ डॉलर के स्तर को पार कर गया है.


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई की वैश्विक मांग में वृद्धि से चिप निर्माण कंपनियों को बड़ा लाभ मिला है। इसी कारण दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक इस वर्ष 100 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने इस दौरान कनाडा, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे बड़े बाजारों को भी पीछे छोड़ दिया है.


भारत की चुनौतियाँ

भारतीय शेयर बाजार ने हाल के महीनों में कई चुनौतियों का सामना किया है। रुपये में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, और एआई से संबंधित बड़ी कंपनियों की सीमित उपस्थिति ने बाजार पर दबाव डाला है। यही कारण है कि भारत की रैंकिंग में गिरावट आई है.


भारत की आर्थिक स्थिति

हालांकि भारत शेयर बाजार के आकार में पीछे है, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर वह दक्षिण कोरिया से काफी आगे है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, भारत का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 4.15 लाख करोड़ डॉलर है, जबकि दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 1.93 लाख करोड़ डॉलर है. इसके अलावा, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है.


ताइवान की स्थिति

पिछले सप्ताह, ताइवान ने भी भारत को पीछे छोड़कर दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का गौरव हासिल किया था। ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की जबरदस्त वृद्धि इसके पीछे का मुख्य कारण रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी अनुबंध आधारित चिप निर्माता कंपनी मानी जाती है.


निवेशकों का भरोसा

कुल मिलाकर, एआई और उन्नत चिप निर्माण उद्योग ने ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। वहीं, भारत के सामने अब निवेशकों का भरोसा मजबूत करने और बाजार को नई गति देने की चुनौती है.