भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी पिक्सल ने 10 करोड़ डॉलर का निवेश जुटाया
भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी पिक्सल ने 10 करोड़ डॉलर का निवेश जुटाया है, जो किसी भारतीय स्पेस कंपनी के लिए अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश है। इस निवेश का नेतृत्व सिंगापुर के टेमासेक और ब्रिटेन की सेराफिम ने किया। पिक्सल, जो गूगल द्वारा समर्थित है, ने अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए उपग्रहों के साथ-साथ एक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म भी विकसित किया है। नए निवेश का उपयोग कंपनी अपनी उपग्रह क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में अपनी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए करेगी।
Sep 7, 2026, 20:18 IST
पिक्सल का नया निवेश और विस्तार योजनाएं
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। स्पेस टेक्नोलॉजी में कार्यरत भारतीय फर्म पिक्सल ने 10 करोड़ डॉलर, जो लगभग 8,300 करोड़ रुपये के बराबर है, के नए निवेश के माध्यम से अपने विस्तार की योजनाओं को गति देने का निर्णय लिया है। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी कि उसने 10 करोड़ डॉलर का सीरीज सी निवेश पूरा कर लिया है, जो किसी भारतीय स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश माना जा रहा है।
निवेश का नेतृत्व और भागीदार
इस निवेश दौर का नेतृत्व सिंगापुर के सरकारी निवेशक टेमासेक और ब्रिटेन की स्पेस टेक्नोलॉजी निवेश कंपनी सेराफिम ने किया। पिक्सल के मौजूदा निवेशकों रेडिकल वेंचर्स और ग्रोएक्स वेंचर्स ने भी इस दौर में भाग लिया। इसके अलावा, 360 वन एसेट और आईएमएम इन्वेस्टमेंट नए निवेशकों के रूप में कंपनी से जुड़े हैं।
कंपनी की विकास यात्रा
पिक्सल के अनुसार, इस नए निवेश के बाद कंपनी को अब तक कुल 19.5 करोड़ डॉलर का निवेश प्राप्त हो चुका है। गूगल समर्थित यह कंपनी भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास में तेजी से उभरने वाले उद्यमों में से एक है।
पिक्सल की स्थापना और उद्देश्य
पिक्सल की स्थापना आवैस अहमद ने की थी। कंपनी ने विशेष उपग्रहों के निर्माण से शुरुआत की, जो पृथ्वी की सतह से ऐसी जानकारी एकत्र कर सकते हैं, जो सामान्य उपग्रह तस्वीरों से प्राप्त नहीं की जा सकती। इन उपग्रहों में विभिन्न तरंगदैर्ध्य पर पृथ्वी से मिलने वाले संकेतों का विश्लेषण करने की क्षमता है, जिससे कृषि, जल संसाधन और पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
पिक्सल का कार्यक्षेत्र
समय के साथ, पिक्सल ने अपने कार्य का दायरा बढ़ाया है। अब यह केवल उपग्रहों तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी ने पृथ्वी से जुड़ी जानकारी के विश्लेषण के लिए ऑरोरा नामक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म भी विकसित किया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी व्यावसायिक और सरकारी अंतरिक्ष अभियानों के लिए उपग्रह प्रणालियों पर भी कार्य कर रही है।
भविष्य की योजनाएं
पिक्सल का लक्ष्य सेंसर, सॉफ्टवेयर और अंतरिक्ष प्रणालियों को एकीकृत करके एक ऐसा ढांचा तैयार करना है, जिससे सरकारें, उद्योग और अन्य संस्थान पृथ्वी से एकत्रित जानकारी का उपयोग सीधे निर्णय लेने में कर सकें। नए निवेश का उपयोग कंपनी अपनी उपग्रह क्षमताओं को और मजबूत करने में करेगी, जिसमें हनीबी उपग्रह समूह का विस्तार और अधिक स्पष्ट तस्वीरें उपलब्ध कराने वाले प्रकाशीय चित्रण उपग्रहों का विकास शामिल है।
निवेश का महत्व
भारत में निजी कंपनियों के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र खुलने के बाद इस उद्योग में निवेश और नई तकनीक पर कार्य तेजी से बढ़ा है। पिक्सल की नई पूंजी जुटाने की सफलता इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनियों में रुचि बढ़ रही है। कंपनी अब नए निवेश के माध्यम से अपनी तकनीक और उपग्रह समूह का विस्तार कर वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।