भारत के प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट बिक्री में वृद्धि
रियल एस्टेट बिक्री में सालाना वृद्धि
जुलाई से सितंबर के बीच, भारत के सात बड़े शहरों में मकानों की बिक्री में तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक लाख इकाइयों से अधिक रही। इस वृद्धि का मुख्य कारण मुंबई महानगर क्षेत्र, बेंगलुरु और हैदराबाद में मजबूत मांग है। यह जानकारी रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी ने साझा की।
अनारॉक के अनुसार, इस अवधि में बिक्री का मूल्य 1.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1.52 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि, रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी 'प्रॉपइक्विटी' ने बताया कि इसी तिमाही में कुल बिक्री छह प्रतिशत घटकर 1.03 लाख इकाइयों पर आ गई।
प्राथमिक आवासीय बाजार के आंकड़े
अनारॉक ने सोमवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए प्राथमिक आवासीय बाजार के आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के अनुसार, सात प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत में सालाना सात प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस साल की जुलाई-सितंबर तिमाही में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 1,00,220 इकाइयों तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 97,080 इकाइयां थीं।
बिक्री में वृद्धि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), बेंगलुरु और हैदराबाद में देखी गई, जबकि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), पुणे, चेन्नई और कोलकाता में बिक्री में कमी आई।
भविष्य की संभावनाएं
अनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने बताया कि वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन सात शहरों में कुल बिक्री में एमएमआर और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत रही। इस तिमाही में लगभग 1,14,320 आवासीय इकाइयां पेश की गईं, जबकि 2025 की तीसरी तिमाही में 96,690 इकाइयां पेश की गई थीं।
इस प्रकार, इसमें सालाना 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पुरी ने कहा, "आगामी त्योहारों के मद्देनजर आवासीय मांग में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे जुलाई-सितंबर तिमाही में देखी गई तेजी को और बढ़ावा मिलेगा।"