भारत को अमेरिका के आरोपों पर स्पष्टता की आवश्यकता: जीटीआरआई
अमेरिका के आरोपों पर भारत की प्रतिक्रिया
भारत को अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों पर अधिक जानकारी मांगने की आवश्यकता है, जिसमें कहा गया है कि 40 से अधिक देशों ने चीन को उच्च शुल्क से बचने में मदद करने के लिए एक छिपा हुआ पारगमन नेटवर्क स्थापित किया है। यह जानकारी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (जीटीआरआई) द्वारा दी गई है। इस शोध संस्थान का मानना है कि इससे दुरुपयोग की पहचान करने, वैध निर्यातकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आधारहीन आरोपों का सामना करने में सहायता मिलेगी।
अमेरिका ने हाल ही में आरोप लगाया कि चीनी निर्यातक इन देशों के माध्यम से अपने सामान को उच्च अमेरिकी शुल्क से बचाने के लिए भेज रहे हैं। विशेष रूप से, पुणे-गुजरात-चेन्नई गलियारे को इस संदर्भ में निशाना बनाया गया है। जीटीआरआई ने सुझाव दिया है कि भारत को अमेरिका से इन आरोपों के संबंध में हर देश, उत्पाद और निर्यात खेप के आधार पर जानकारी मांगनी चाहिए।
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को इस मामले में गहन जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी दुरुपयोग का पता लगाया जा सके और वैध निर्यातकों के हितों की रक्षा की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से भारत इन बिना प्रमाणित आरोपों का उचित उत्तर देने में सक्षम होगा।