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भारत को एआई निवेश में संभावित लाभ, उदय कोटक की भविष्यवाणी

उदय कोटक ने हाल ही में एक ऑनलाइन कार्यक्रम में बताया कि यदि एआई में निवेश की गति धीमी होती है, तो भारत को इससे लाभ मिल सकता है। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार के प्रदर्शन और घरेलू निवेशकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। जानें कैसे भारत अपनी एआई क्षमताओं को विकसित कर रहा है और निवेशकों के लिए क्या सलाह दी गई है।
 

भारत में एआई निवेश का बढ़ता महत्व

दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से संबंधित कंपनियों में निवेश में तेजी देखी जा रही है। हालांकि, यदि भविष्य में यह निवेश धीमा होता है और वैश्विक बाजार में गिरावट आती है, तो भारत को इससे लाभ मिल सकता है। कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक का मानना है कि ऐसे हालात में निवेशक उन बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां कंपनियों के शेयरों की कीमतें अधिक आकर्षक हों और विकास की संभावनाएं बेहतर हों।


उदय कोटक का बयान

दिवाली से पहले एक ऑनलाइन कार्यक्रम में उदय कोटक ने कहा कि कई प्रमुख कंपनियां एआई से संबंधित योजनाओं को पूरा करने के लिए भारी मात्रा में कर्ज ले रही हैं, जिससे कुछ कंपनियों का मूल्यांकन अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एआई में निवेश का मौजूदा उछाल कमजोर पड़ता है और विदेशी निवेशक अन्य बाजारों में अपने पैसे लगाते हैं, तो भारत को इसका लाभ मिल सकता है। भारत भी अपनी एआई क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे उसे इस बदलाव से लाभ मिलने की उम्मीद है।


भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन

हाल के समय में भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। अक्टूबर की शुरुआत में इस साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, भारतीय शेयर बाजार में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान एआई से संबंधित कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण एशिया के तकनीकी बाजारों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जिससे भारतीय बाजार की मजबूती उजागर हुई।


विदेशी निवेशकों की निकासी

हालांकि, पूरे वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारतीय शेयर बाजार अभी भी एशिया के कमजोर प्रदर्शन वाले बाजारों में शामिल है। एआई क्षेत्र में निवेश के सीमित अवसर, कंपनियों के महंगे शेयर और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में धन निकाला है। आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से रिकॉर्ड 29 अरब डॉलर निकाल चुके हैं।


घरेलू निवेशकों का महत्व

उदय कोटक ने कहा कि इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का सामना किया है। इसका एक बड़ा कारण घरेलू निवेशकों का बाजार पर विश्वास बना रहना है। देश के छोटे और बड़े निवेशकों की भागीदारी ने बाजार को सहारा दिया है।


शेयरों का मूल्यांकन

कोटक के अनुसार, बाजार में आई गिरावट के बाद भारतीय कंपनियों के शेयरों का मूल्यांकन पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। 6 से 12 महीने पहले की तुलना में अब भारतीय शेयरों की कीमतें अन्य बाजारों की तुलना में अधिक आकर्षक लग रही हैं। इसके साथ ही भारत की आर्थिक विकास दर और आगे बढ़ने की क्षमता भी निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनी हुई है।


निवेशकों के लिए सलाह

शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 का मूल्यांकन इस समय अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले 17.5 गुना है, जबकि साल की शुरुआत में यह लगभग 21 गुना था। हालांकि, एशिया के अन्य बाजारों की तुलना में भारतीय शेयर अभी भी महंगे हैं। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स का मूल्यांकन लगभग 10 गुना है। निवेशकों को सलाह देते हुए कोटक ने कहा कि शेयर बाजार में त्वरित मुनाफा कमाने के बजाय मध्यम अवधि को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए। उनके अनुसार, मजबूत कारोबार वाली कंपनियों का चयन करना और जोखिम पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।