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भारत को एआई में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता: नीति आयोग

हाल ही में, नीति आयोग के सदस्य अभय करंदीकर ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अवसंरचना के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एंथ्रोपिक द्वारा अपने AI मॉडलों को ऑफलाइन करने के निर्णय को एक संकेत के रूप में देखा कि भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया है और भारत की संभावनाएं क्या हैं।
 

भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

हाल के वैश्विक घटनाक्रमों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता को उजागर किया है। नीति आयोग के सदस्य अभय करंदीकर ने बताया कि अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक द्वारा अपने नवीनतम AI मॉडलों को 'ऑफलाइन' करने का निर्णय यह दर्शाता है कि भारत को AI अवसंरचना और हार्डवेयर के विकास में पूरी तरह से आत्मनिर्भर होना चाहिए।


एंथ्रोपिक का निर्णय और इसके प्रभाव

एंथ्रोपिक ने हाल ही में अपने अत्याधुनिक AI मॉडलों ‘फेबल 5’ और ‘माइथोस 5’ को अचानक ऑफलाइन कर दिया। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए निर्यात नियंत्रण नियमों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसका उद्देश्य विदेशी नागरिकों द्वारा उन्नत अमेरिकी AI मॉडलों के उपयोग को रोकना है।


करंदीकर ने कहा, "हम स्थानीय AI अवसंरचना और हार्डवेयर के विकास में शायद पीछे हैं... एंथ्रोपिक का यह निर्णय इस बात को और मजबूत करता है कि भारत को प्रौद्योगिकी विकास में आत्मनिर्भर बनना होगा।"


भारत की AI अवसंरचना में सुधार की आवश्यकता

एंथ्रोपिक ने हाल ही में ‘फेबल’ का एक सीमित संस्करण जारी किया, जो उसके अधिक उन्नत मॉडल ‘माइथोस’ का हल्का संस्करण है। साइबर सुरक्षा चिंताओं के कारण ‘माइथोस’ तक पहुंच को काफी सीमित रखा गया है।


नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि भारत को स्थानीय AI अवसंरचना और हार्डवेयर के विकास के लिए और प्रयास करने होंगे, क्योंकि "हमारे पास सेमीकंडक्टर चिप या प्लेटफॉर्म नहीं हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।"


AI में भारत की संभावनाएं

उन्होंने यह भी बताया कि भारत की सबसे बड़ी ताकत बड़े पैमाने पर AI अवसंरचना लागू करने की क्षमता है। करंदीकर ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI आधारित अनुप्रयोग विकसित कर रही है।


उन्होंने यह भी बताया कि आयोग नागरिक-केंद्रित सेवाओं में AI के उपयोग के लिए नए तरीके तलाश रहा है और भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित करने में बढ़त बनाई है।


नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत कम से कम 12 स्टार्टअप को समर्थन दिया गया है, जो मूलभूत AI मॉडल विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "पिछले एक वर्ष में AI मिशन ने कई कार्य किए हैं, लेकिन प्रौद्योगिकी की तेज रफ्तार को देखते हुए और प्रयास करने की जरूरत है।"