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भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्थानीय निकायों में सुधार आवश्यक: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्थानीय निकायों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ-साथ स्थानीय निकायों को भी विकास परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। बैंकॉक में आईएमएफ-विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान, उन्होंने वैश्विक निवेशकों के भारत में बढ़ते रुचि का उल्लेख किया और स्थानीय विकास के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अधिक निवेश की आवश्यकता पर बल दिया।
 

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए स्थानीय स्तर पर, विशेषकर नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में सुधारों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को खोलने और वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि, स्थानीय निकायों को विकास परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने की क्षमता में सुधार करना होगा।


अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा

सीतारमण ने बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान 'अटलांटिक काउंसिल' के साथ बातचीत में कहा, "हमारी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं में सुधार करने से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ना आसान होगा।" उन्होंने कहा कि जारी सुधारों के चलते वैश्विक निवेशक भारत में अवसरों को पहचान रहे हैं, जैसे कि हाल में आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने लगभग 60 प्रतिशत शेयर खरीदे हैं।


स्थानीय निकायों की भूमिका

मंत्री ने कहा कि सुधार केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सुशासन को बेहतर बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों को भी सक्रिय कदम उठाने होंगे। उन्होंने भारत की शासन व्यवस्था को तीन स्तरों में विभाजित किया: केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय।


स्थानीय विकास की आवश्यकता

सीतारमण ने स्थानीय निकायों में सुधारों की गति बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में विकास योजनाओं की प्रभावी योजना बनाने और उन्हें लागू करने के लिए अक्सर क्षमता और कौशल की कमी होती है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे कचरा प्रबंधन, सड़क निर्माण, बिजली पारेषण और जल निकायों के पुनरुद्धार जैसे स्थानीय विकास कार्यों को बेहतर तरीके से कर सकें।


प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

सीतारमण ने कहा कि जमीनी स्तर पर सुधार आवश्यक हैं, ताकि स्थानीय संस्थाएं विकास संबंधी जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें और देश में व्यापक आर्थिक बदलाव में योगदान दे सकें। उन्होंने स्थानीय सरकारों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अधिक निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे अपने क्षेत्रों के भविष्य की बेहतर योजना बना सकें और विकास परियोजनाओं को अधिक कुशलता से लागू कर सकें।