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भारत ने LPG उत्पादन में वृद्धि और आयात स्रोतों में विस्तार किया

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत ने LPG उत्पादन को बढ़ाकर 55,000 टन प्रतिदिन किया है और आयात स्रोतों की संख्या 41 तक बढ़ाई है। उन्होंने यह भी कहा कि 2030 तक देश की तेल रिफाइनिंग क्षमता 30 करोड़ टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की उम्मीद है। संकट के समय में वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों के विकास से रसोई गैस की कमी नहीं हुई। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया।
 

एलपीजी उत्पादन में वृद्धि और आयात के नए स्रोत

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को जानकारी दी कि भारत ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान घरेलू LPG उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ आयात के स्रोतों की संख्या 27 से 41 तक बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि देश की तेल शोधन क्षमता 2030 तक 30 करोड़ टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की उम्मीद है। पुरी ने 29वें ऊर्जा प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि दैनिक घरेलू LPG उत्पादन 34,000 टन से बढ़कर 55,000 टन हो गया है.


आपूर्ति संकट का सामना करने की तैयारी

उन्होंने कहा कि अमेरिका और अल्जीरिया जैसे देशों से आयात बढ़ाकर खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति में आए संकट की भरपाई की गई। संकट की प्रकृति का पूर्वानुमान लगाना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन इससे निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा सकती है। भारत ने इसी दृष्टिकोण के तहत वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत विकसित किए, जिससे संकट के दौरान रसोई गैस की कमी नहीं हुई।


सिलेंडर बुकिंग में वृद्धि

पुरी ने बताया कि एलपीजी की कमी की अफवाहों के कारण सिलेंडर बुकिंग में असामान्य वृद्धि हुई। सामान्यत: प्रतिदिन 51-52 लाख सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो बढ़कर लगभग 90 लाख तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी वृद्धि वास्तविक खपत में वृद्धि का परिणाम नहीं हो सकती।


सरकार के कदम और रिफाइनिंग क्षमता

सरकार ने जमाखोरी और अवैध सिलेंडर आपूर्ति को रोकने के लिए कदम उठाए। राज्यों के अधिकारियों ने छापेमारी की और सिलेंडर जब्त किए, जिसके बाद बुकिंग में कमी आई। पुरी ने कहा कि भारत की वर्तमान तेल रिफाइनिंग क्षमता लगभग 29 करोड़ टन प्रति वर्ष है, जो 2030 तक 30 करोड़ टन तक बढ़ने की संभावना है।


रिफाइनिंग क्षमता में वृद्धि

उन्होंने कहा कि मौजूदा रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने और नई परियोजनाओं के माध्यम से इस विस्तार में मदद मिलेगी। पुरी ने कहा, 'रिफाइनिंग क्षमता में बड़े पैमाने पर वृद्धि से हम न केवल अपनी जरूरतों के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेल शोधन करने में सक्षम होंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि जबकि यूरोप और पश्चिमी देशों में रिफाइनिंग क्षमता घट रही है, भारत अपनी क्षमता को बढ़ा रहा है।


भारत की रिफाइनिंग क्षमता का विस्तार

पुरी ने कहा कि भारत में रिफाइनरियां अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। कुछ रिफाइनरियों की क्षमता तीन लाख टन से बढ़कर छह लाख टन और छह लाख टन वाली रिफाइनरियों की क्षमता नौ लाख टन तक बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती उत्पादन क्षमता से भारत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतें पूरी करने में सक्षम होगा।