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भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से निर्यात पर आयात शुल्क में छूट

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसमें 15 जुलाई से भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले सभी निर्यात पर आयात शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। इस कदम से किसानों, मछुआरों और एमएसएमई को लाभ होगा। इसके अलावा, भारतीय पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा में योगदान देने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनकी सेवानिवृत्ति की बचत सुरक्षित होगी। जानें इस समझौते के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते की महत्वपूर्ण घोषणा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू होने के बाद, 15 जुलाई से भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले सभी निर्यात पर कोई आयात शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस निर्णय से देश के किसानों, मछुआरों, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और घरेलू उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


गोयल ने स्पष्ट किया कि यह व्यापार समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। इसका एक बड़ा लाभ ब्रिटेन में कार्यरत हजारों भारतीय पेशेवरों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से भारत से ब्रिटेन निर्यात की जाने वाली हर वस्तु पर आयात शुल्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा।


इस समझौते की विशेषताओं को साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन' (डीसीसी) का एक महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल है। इसके लागू होने के बाद, ब्रिटेन में पांच साल तक काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को वहां की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में योगदान देने की आवश्यकता नहीं होगी।


गोयल ने बताया कि पहले भारतीय पेशेवरों के वेतन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा योजना में चला जाता था। अब यह राशि सीधे भारत में उनके भविष्य निधि (पीएफ) खातों में जमा की जाएगी, जिस पर सालाना 8.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। इसके अलावा, यह पूरी राशि कर मुक्त होगी, जिससे पेशेवरों को अपनी सेवानिवृत्ति के लिए बचत सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।


केंद्रीय मंत्री ने इस समझौते का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय पेशेवरों के लिए नए अवसर खोलेगा और दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी आगामी विदेश यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि वे 14 और 15 जुलाई को ब्रसेल्स में होने वाली भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में भाग लेंगे, जहां लंबित मुद्दों के समाधान और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।