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भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से अपनाना आवश्यक: प्रधानमंत्री के सलाहकार

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित किया है। प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से अपनाने और चीन पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के आयात में कमी से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कपूर ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की 'तेज और लक्ष्य-आधारित' रणनीति की बात की। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर और क्या कहा गया।
 

भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने हाल ही में एक सम्मेलन में बताया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को तेजी से अपनाना और चीन पर निर्भरता को कम करना अब अनिवार्य हो गया है।


उन्होंने एसोचैम द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत के लिए भारत को इलेक्ट्रिक परिवहन केंद्र बनाना’ विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ महत्वपूर्ण कलपुर्जों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता है।


कपूर ने कहा, 'पश्चिम एशिया संकट के बाद यह और भी प्रासंगिक हो गया है। अब इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना हमारे देश के लिए सबसे आवश्यक कार्य बन गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल के आयात में कमी से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रुपये की विनिमय दर में सुधार होगा।


उन्होंने शेयर बाजारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जा के मामले में बाहरी परिस्थितियों के प्रति हमारी संवेदनशीलता बढ़ गई है। यह अब सभी के लिए चिंता का विषय बन गया है।


कपूर ने यह भी बताया कि पेट्रोलियम का उपयोग पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन इसमें कमी लाना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'पेट्रोलियम की खपत में केवल पांच प्रतिशत की कमी भी बड़ा अंतर ला सकती है, और यह तभी संभव है जब हम तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ें।'


भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को धीरे-धीरे अपनाया गया है, खासकर दोपहिया और तिपहिया वाहनों में। हालांकि, चारपहिया वाहनों के क्षेत्र में अभी और प्रगति की आवश्यकता है। कपूर ने कहा कि देश में कुल पेट्रोल का लगभग 60 प्रतिशत दोपहिया वाहनों द्वारा खर्च किया जाता है, इसलिए इस श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बदलाव लाना आवश्यक है।


हाल ही में घोषित दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया गया। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि हमें चीन पर निर्भरता को कम करने के उपायों पर ध्यान देना चाहिए।


कपूर ने कहा कि भारत के लिए आयात को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण कलपुर्जों और आवश्यक खनिजों का घरेलू उत्पादन होना चाहिए। इससे भविष्य में चीन द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की स्थिति में उद्योग प्रभावित नहीं होगा।


उन्होंने उद्योग जगत को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कपूर ने कहा कि सरकार इस दिशा में 'तेज और लक्ष्य-आधारित' रणनीति अपनाएगी।


उन्होंने कहा, 'अगले पांच वर्षों में देश की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की उपस्थिति इतनी अधिक होनी चाहिए कि पूरी दुनिया देखे कि भारत में इस क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है।'