×

भारत में ईंधन की कमी की अफवाहें: सरकार ने दी स्पष्टता

हाल ही में ईरान और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहें फैल गई हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य है और वर्तमान में 25 करोड़ बैरल कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। यह भंडार देश की आवश्यकताओं को कई हफ्तों तक पूरा कर सकता है। जानें, सरकार ने नागरिकों से क्या अपील की है और कैसे अफवाहें फैलीं।
 

ईंधन की चिंता और अफवाहें


हाल ही में ईरान और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी की आशंका बढ़ गई है। कई शहरों में लोग ईंधन के लिए लंबी कतारों में खड़े हो गए हैं और कुछ ने डिब्बों में पेट्रोल भरकर घर ले जाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह अफवाह फैल गई है कि देश में तेल की कमी हो सकती है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी चिंताओं का कोई आधार नहीं है और देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य है।


सरकार के आंकड़े

केंद्र सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। वर्तमान में भारत के पास लगभग 25 करोड़ बैरल कच्चे तेल और तैयार पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार है, जो लगभग 4000 करोड़ लीटर के बराबर है। सरकार के अनुसार, यह भंडार देश की आवश्यकताओं को कई हफ्तों तक पूरा कर सकता है और सप्लाई चेन पूरी तरह से कार्यशील है।


भंडार की अवधि

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का तेल भंडार लगभग 7 से 8 सप्ताह तक देश की आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। इसका मतलब है कि यदि वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कोई बाधा आती है, तो भारत के पास पर्याप्त समय होगा नई सप्लाई की व्यवस्था करने के लिए।


तेल भंडार का स्थान

भारत ने अपने तेल भंडार को एक स्थान पर नहीं रखा है, बल्कि इसे विभिन्न स्थानों पर रणनीतिक रूप से संग्रहित किया गया है। कर्नाटक के मैंगलोर और पादुर, तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बड़े भूमिगत भंडार बनाए गए हैं। इसके अलावा, देश की रिफाइनरियों और डिपो में भी बड़े स्टोरेज टैंक मौजूद हैं।


कच्चा तेल और अन्य ईंधन

भारत के पास केवल कच्चा तेल ही नहीं, बल्कि तैयार ईंधन का भी बड़ा भंडार है। इसमें पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल, एलपीजी और औद्योगिक उपयोग के लिए LNG शामिल हैं।


अफवाहों का स्रोत

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई संदेश तेजी से फैलने लगे, जिनमें कहा गया कि भारत के पास केवल 25 दिनों का तेल बचा है। लेकिन सरकार ने इन दावों को गलत बताया है और कहा है कि देश अभी भी रूस, इराक, और अन्य देशों से तेल खरीद रहा है।


सरकार की अपील

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और घबराकर ईंधन जमा करने की कोशिश न करें। इससे कृत्रिम संकट उत्पन्न होता है। सरकार ने कहा है कि देश की ऊर्जा आपूर्ति मजबूत है और आने वाले दिनों में सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।