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भारत में एआई दायित्व पर नए दिशा-निर्देश जारी

डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) ने एआई दायित्व पर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो कंपनियों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही को स्पष्ट करते हैं। ये दिशा-निर्देश 'एजेंटिक एआई' के उपयोग में वृद्धि के साथ उत्पन्न होने वाले जोखिमों और प्रभावों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। डीएससीआई का उद्देश्य एआई के सुरक्षित उपयोग के लिए संदर्भ सामग्री प्रदान करना है, जिससे उपयोगकर्ता उद्योग को सही दिशा में मार्गदर्शन मिल सके। इस दिशा-निर्देश को समय-समय पर अद्यतन किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह व्यावहारिक और प्रभावी है।
 

डीएससीआई द्वारा एआई दायित्व के लिए दिशा-निर्देश

डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) ने शुक्रवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दायित्व पर केंद्रित दिशा-निर्देश जारी किए। इनका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कंपनियों द्वारा 'एजेंटिक एआई' को अपनाने के साथ जिम्मेदारी और जवाबदेही कैसे निर्धारित की जानी चाहिए। नए मानकों का प्रस्ताव करने के बजाय, यह दिशा-निर्देश पहले से लागू कानूनी सिद्धांतों के संदर्भ में स्वायत्त और बहु-विक्रेता एआई प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसके साथ ही, एआई के उपयोग में संलग्न सभी पक्षों की जिम्मेदारी का खाका भी प्रस्तुत किया गया है।


एआई के दायित्व पर चर्चा

डीएससीआई की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "आज हमने एजेंटिक एआई के लिए भारत-केंद्रित दायित्व संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि जब एआई एजेंट स्वायत्त रूप से कार्य करते हैं और कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो उसके परिणामों की जिम्मेदारी किसकी होगी?" डीएससीआई, जो नैसकॉम द्वारा स्थापित एक गैर-लाभकारी संगठन है, डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, एआई सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों से संबंधित है।


दिशा-निर्देश का महत्व

इन दिशा-निर्देशों में 'एजेंटिक एआई' के विभिन्न क्षेत्रों, उनके प्रभावों और जोखिमों के प्रकारों को शामिल किया गया है। डीएससीआई ने बताया कि यह दस्तावेज कंपनियों के लिए एआई के सुरक्षित उपयोग के संदर्भ में सामग्री प्रदान करता है। यह एक सतत चर्चा पत्र है, जिसे विभिन्न उद्योगों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समय-समय पर अद्यतन किया जाएगा। दिशा-निर्देश में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत के लिए शासन, निगरानी और दायित्व तय करने का एक स्पष्ट दृष्टिकोण आवश्यक है।


उपयोगकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन

इससे उपयोगकर्ता उद्योग को सही दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा और जिम्मेदार एआई को तेजी से अपनाने में सहायता मिलेगी। ये दिशा-निर्देश डीएससीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। डीएससीआई के सीईओ विनायक गोडसे ने कहा कि इस मार्गदर्शन का उद्देश्य एआई के कार्य और सुरक्षा से संबंधित चर्चाओं को 'सिद्धांत से व्यवहार तक' ले जाना है। उन्होंने कहा कि इस चर्चा में मूल्य श्रृंखला के सभी पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए।


एआई के उभरते जोखिम

गोडसे ने कहा, "एआई ऐसी परिस्थितियाँ और जोखिम उत्पन्न करता है, जिनका अनुमान लगाने के लिए हम अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इसलिए, रूपरेखा को इस तरह से तैयार किया जाना चाहिए कि उभरते जोखिमों का सामना किया जा सके।" डीएससीआई दायित्व संबंधी मार्गदर्शन को व्यवहार में लागू करने के लिए सरकार और उद्योग के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर है।


उपयोगकर्ताओं से प्रतिक्रिया

यह परामर्श विशेष रूप से अंतिम उपयोगकर्ता संगठनों, सेवा प्रदाताओं, उत्पाद कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए प्रासंगिक है। डीएससीआई ने कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन, एआई अधिकारियों, सरकारी निकायों और शैक्षणिक संस्थानों से इस दिशा-निर्देश को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का आग्रह किया है। संगठन यह जानना चाहता है कि क्या छूटा है और कौन-सी बातें व्यावहारिक नहीं हैं। 'एजेंटिक एआई' के उपयोग में वृद्धि के साथ, इससे जुड़ी चिंताएं भी बढ़ रही हैं, जिससे ये दिशा-निर्देश और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।