भारत में एआई सेवाओं का विस्तार: एंथ्रोपिक ने भारतीय रुपये में सदस्यता शुरू की
एंथ्रोपिक का नया कदम
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेवाओं का विकास तेजी से हो रहा है, और अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार अपनी सेवाओं को अनुकूलित कर रही हैं। इसी क्रम में, एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड प्लेटफॉर्म की सदस्यता अब भारतीय रुपये में उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। इससे भारतीय उपयोगकर्ताओं को विदेशी मुद्रा में भुगतान करने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
नई मूल्य संरचना
हालिया जानकारी के अनुसार, क्लॉड की नई कीमतें कुछ भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर दिखाई देने लगी हैं। हालांकि, वर्तमान में कंपनी ने भारत की लोकप्रिय यूपीआई भुगतान प्रणाली को विकल्प के रूप में शामिल नहीं किया है। उपयोगकर्ताओं को अभी भी कार्ड या ऐपल और गूगल के मौजूदा स्टोर के भुगतान माध्यमों का उपयोग करना होगा।
सदस्यता की सरलता
पहले भारतीय ग्राहकों को अमेरिकी डॉलर में सदस्यता लेनी पड़ती थी, जिससे मुद्रा विनिमय और अतिरिक्त शुल्क के कारण सेवा का उपयोग महंगा और असुविधाजनक हो जाता था। अब भारतीय रुपये में कीमत तय होने से सदस्यता लेना पहले की तुलना में अधिक सरल हो गया है।
भारत का बढ़ता महत्व
कंपनी के अनुसार, अमेरिका के बाद भारत क्लॉड का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। भारत की वैश्विक उपयोग में हिस्सेदारी लगभग 5.8 प्रतिशत है, जो इस बाजार के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
नई योजनाओं की कीमतें
नई कीमतों के तहत, क्लॉड प्रो योजना की वार्षिक सदस्यता भारत में लगभग 2,000 रुपये प्रति माह से शुरू होती है, जबकि क्लॉड मैक्स योजना की कीमत 11,999 रुपये प्रति माह है। टीम योजना की शुरुआती कीमत 2,399 रुपये प्रति उपयोगकर्ता प्रति माह है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इन कीमतों में स्थानीय कर भी शामिल हैं।
एंथ्रोपिक का तेजी से बढ़ता कारोबार
एंथ्रोपिक पिछले कुछ महीनों से भारत में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ा रही है। इस वर्ष, कंपनी ने बेंगलुरु में अपना कार्यालय खोला और माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की पूर्व प्रबंध निदेशक इरीना घोष को भारत में कारोबार की जिम्मेदारी सौंपी। इसके अलावा, कंपनी ने इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
चुनौतियाँ और संभावनाएँ
हालांकि, जून में कंपनी ने अपने कुछ एडवांस एआई मॉडल को अमेरिका के बाहर के उपयोगकर्ताओं के लिए अस्थायी रूप से सीमित कर दिया था, जिससे भारतीय डेवलपर्स और नई कंपनियों में चिंता बढ़ गई थी। बाद में एक मॉडल की सेवा फिर से शुरू कर दी गई, जबकि दूसरे मॉडल की उपलब्धता अभी भी सीमित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बड़ी संख्या में डेवलपर्स और प्रौद्योगिकी पेशेवर हैं। यह बाजार वैश्विक एआई कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन कम कीमत में बेहतर सेवाओं की मांग के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ाना अब भी एक बड़ी चुनौती है।