भारत में एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण की स्थापना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आईटीएलए की स्थापना को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में जानकारी साझा की। यह प्राधिकरण एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी, नीतिगत समर्थन और डेटा विश्लेषण के लिए एक प्रमुख निकाय के रूप में कार्य करेगा।
मंत्री ने बताया कि आईटीएलए एक दीर्घकालिक परिवहन योजना विकसित करेगा, जिसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह, जल परिवहन, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय परिवहन, शहरी आवागमन और लॉजिस्टिक शामिल होंगे। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने परिवहन और लॉजिस्टिक के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष इकाई (एसपीवी) के रूप में आईटीएलए की स्थापना को मंजूरी दी।
इसका उद्देश्य परिवहन से संबंधित विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच अलग-अलग योजनाओं और कार्यान्वयन से उत्पन्न पुरानी चुनौतियों का समाधान करना है।
आईटीएलए से भारत में परिवहन अवसंरचना विकास की दक्षता और स्थिरता में वृद्धि की उम्मीद है। यह प्राधिकरण राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान के साथ समन्वय सुनिश्चित करेगा और बहुमॉडल बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए परिवहन मंत्रालयों की अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं (लगभग पांच वर्ष) और वार्षिक योजनाओं का मूल्यांकन करेगा। प्राधिकरण 500 करोड़ रुपये से अधिक की परिवहन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा और मुद्दों के समाधान के लिए एक समन्वित तंत्र स्थापित करेगा।
यह इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन के बाद उनके प्रभाव का आकलन भी करेगा।