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भारत में औद्योगिक गतिविधियों में अगस्त में तेजी, उत्पादन में 8% की वृद्धि

अगस्त में भारत की औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह सुधार मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के कारण हुआ है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में लगातार वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं, जबकि खनन क्षेत्र में गिरावट देखी गई है। निवेश से जुड़े क्षेत्रों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है।
 

अगस्त में औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि

भारत की औद्योगिक गतिविधियों में अगस्त के महीने में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सालाना आधार पर 8% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 6.7% था। यह सुधार मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के कारण हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में लगातार मजबूती बनी हुई है।


मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि

मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 9% बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 3.6% की वृद्धि हुई थी। ध्यान देने योग्य है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का योगदान तीन-चौथाई से अधिक है। अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि लगातार तीसरे महीने 8% या उससे अधिक रही है, जो कारखानों में उत्पादन गतिविधियों की मजबूती का संकेत देती है।


बिजली और गैस आपूर्ति में वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में बिजली और गैस आपूर्ति में 12.3% की वृद्धि हुई है। जल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था और कचरा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों में 6.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, खनन क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जिसमें अगस्त में खनन उत्पादन सालाना आधार पर 5.6% घटा है।


खनन क्षेत्र का प्रदर्शन

खनन क्षेत्र में ईंधन खनिजों में 5.7% और गैर-धातु खनिजों में 12.8% की गिरावट आई है। दूसरी ओर, धातु खनिजों के उत्पादन में 5% की वृद्धि देखी गई है। अगस्त में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 123.3 रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 114.2 था।


उद्योग समूहों में वृद्धि

मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि काफी व्यापक रही है। अगस्त में 23 प्रमुख औद्योगिक समूहों में से 18 में सालाना आधार पर उत्पादन बढ़ा है। विद्युत उपकरणों का उत्पादन सबसे ज्यादा 30.9% बढ़ा, इसके बाद अन्य परिवहन उपकरणों में 25.3% और मोटर वाहन, ट्रेलर तथा सेमी-ट्रेलर के उत्पादन में 25.2% की वृद्धि हुई है।


कपड़ा और तंबाकू उत्पादों में गिरावट

हालांकि, सभी उद्योगों में तेजी नहीं रही। कपड़ा परिधानों के उत्पादन में 7.4% और तंबाकू उत्पादों में 8% की गिरावट आई। कोक और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों में 0.6% तथा रसायनों में 0.5% की कमी दर्ज की गई है।


निवेश से जुड़े क्षेत्रों में वृद्धि

गौरतलब है कि निवेश से जुड़े क्षेत्रों में भी अगस्त में अच्छी तेजी रही। पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 16.9% बढ़ा, जबकि जुलाई में इसमें 19% की वृद्धि हुई थी। इंटरमीडिएट वस्तुओं में 13.7% और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 11.1% की बढ़ोतरी हुई है। बुनियादी ढांचा और निर्माण से जुड़ी वस्तुओं में 6.4% तथा प्राथमिक वस्तुओं में 3.5% वृद्धि हुई।