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भारत में खुदरा महंगाई दर सितंबर में बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर 2023 में भारत की खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत तक पहुँच गई, जो खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के कारण है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर क्रमशः 6.08 और 4.88 प्रतिशत रही। प्याज की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, जो 108.09 प्रतिशत तक पहुँच गई। रिज़र्व बैंक ने महंगाई की चिंताओं के चलते रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत कर दिया। इस लेख में महंगाई के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है।
 

महंगाई दर में वृद्धि का कारण

भारत की खुदरा महंगाई दर, जो कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित है, सितंबर में 5.54 प्रतिशत तक पहुँच गई। इस वृद्धि का मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर क्रमशः 6.08 प्रतिशत और 4.88 प्रतिशत रही।


पिछले महीने की तुलना में महंगाई में वृद्धि

अगस्त में महंगाई दर 4.83 प्रतिशत थी, और सितंबर में यह नई इंडेक्स सीरीज़ के अनुसार सबसे अधिक है। खाद्य बास्केट में महंगाई दर पिछले महीने के 5.97 प्रतिशत से बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई।


रेपो रेट में वृद्धि

महंगाई की चिंताओं के चलते, रिज़र्व बैंक ने पिछले हफ्ते बेंचमार्क लेंडिंग रेट (रेपो रेट) को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया।


खाद्य महंगाई में वृद्धि

सितंबर में खाद्य महंगाई दर 7.74 प्रतिशत तक पहुँच गई, जो अगस्त में 5.97 प्रतिशत थी। इस वृद्धि के साथ, महंगाई दर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर चली गई, लेकिन यह केंद्रीय बैंक की 2-6 प्रतिशत की स्वीकार्य सीमा के भीतर है।


प्याज और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि

कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के अनुसार, प्याज की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। प्याज की महंगाई दर अगस्त के 48.78 प्रतिशत से बढ़कर 108.09 प्रतिशत हो गई। लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत से बढ़कर 54.62 प्रतिशत हो गई, और नींबू की कीमतें पिछले महीने के 15.15 प्रतिशत से बढ़कर 36.41 प्रतिशत हो गईं।


अन्य क्षेत्रों में महंगाई का प्रभाव

इसके अलावा, सितंबर में व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सामान व सेवाओं में महंगाई दर 13.75 प्रतिशत रही। रेस्टोरेंट और होटलों में रहने-खाने की सेवाओं की कीमतें 9.36 प्रतिशत बढ़ गईं। ट्रांसपोर्ट में महंगाई दर 5.01 प्रतिशत रही, जिसमें निजी गाड़ियों का खर्च 7.46 प्रतिशत बढ़ा। स्वास्थ्य क्षेत्र में महंगाई दर 1.40 प्रतिशत, आवास और उपयोगिताओं में 2.74 प्रतिशत, और शिक्षा सेवाओं में 3.94 प्रतिशत रही।


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