भारत में गहनों की मांग में वैश्विक वृद्धि, निर्यात में बढ़ोतरी
गहनों की बढ़ती मांग
भारत में निर्मित गहनों की मांग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। हीरे और अन्य रत्नों से बने आभूषणों के संबंध में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे दर्शाते हैं कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद गहनों के प्रति लोगों की रुचि में कोई कमी नहीं आई है। जून 2025 से जून 2026 के बीच गहनों की मांग में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
आर्थिक संकेत
यह वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच, भारत गहनों और रत्नों के व्यापार में लगातार वृद्धि कर रहा है। निर्यात में वृद्धि से कई क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है, जिससे देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ रहा है.
आंकड़ों का विश्लेषण
मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अनुसार, जून 2025 से जून 2026 की तुलना में गहनों की बिक्री में 34.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष भारत ने लगभग 1.79 बिलियन डॉलर के गहने और रत्न बेचे थे, जो भारतीय रुपये में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के बराबर है.
गहनों की मांग के क्षेत्र
भारत में गहनों का व्यापार सदियों पुराना है, और करोड़ों लोग इस पर निर्भर हैं। यदि निर्यात में वृद्धि होती है, तो इससे रोजगार और आय के नए अवसर उत्पन्न होंगे। अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में भारतीय गहनों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है.
भारतीय गहनों का बाजार
इंडियन ब्रॉन्ड इक्विटी फाउंडेशन (IBEB) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में सोने के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में 2.72 अरब डॉलर का निवेश हुआ। यह राशि लगभग 24,040 करोड़ रुपये है, जो दिसंबर की तुलना में दोगुनी है. चांदी के ETF में भी 1.07 अरब डॉलर का निवेश हुआ है.
गहनों के व्यापार में वृद्धि
लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। IBEB की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी में कुल 9,727 करोड़ रुपये का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आया है. सरकार ने इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI को सरल बना दिया है.
भारत का ज्वैलरी बाजार
भारत का ज्वैलरी बाजार जनवरी 2026 में 7.31 लाख करोड़ रुपये का था, जो लगभग 85 अरब डॉलर है. 2030 तक यह बढ़कर 11.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.
प्रमुख भारतीय ब्रांड
टाइटन ने जनवरी 2026 में एक लैब ग्रोन डायमंड ब्रांड 'बेयॉन' लॉन्च किया है। लाइमलाइन डायमंड 2026 में 100 से अधिक स्टोर खोलने की योजना बना रहा है, जबकि गार्गी और साब्यसाची जैसे ब्रांड भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं.