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भारत में गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा नियमों का नया मसौदा

भारत सरकार ने गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए नियमों का मसौदा प्रस्तुत किया है। ये नियम 2026 से लागू होंगे और डिलिवरी बॉय, कैब ड्राइवर जैसे श्रमिकों को बीमा और पेंशन का लाभ प्रदान करेंगे। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं का भी प्रस्ताव है। जानें इस मसौदे के प्रमुख बिंदु और इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया के बारे में।
 

नई दिल्ली में गिग श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपाय


नई दिल्ली: भारत सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अंतर्गत नए नियमों का मसौदा प्रस्तुत किया गया है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य डिलिवरी बॉय, कैब ड्राइवर और अन्य प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार का लक्ष्य है कि जोमैटो, स्विगी, ओला और उबर जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े श्रमिकों को बीमा और पेंशन का लाभ मिले। ये नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होने की योजना है।


मसौदे के अनुसार, लाभ प्राप्त करने के लिए न्यूनतम काम की अवधि निर्धारित की गई है। यदि कोई श्रमिक केवल एक प्लेटफॉर्म पर कार्यरत है, तो उसे एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 90 दिन काम करना होगा। यदि श्रमिक एक से अधिक प्लेटफॉर्म पर काम करता है, तो कुल काम के दिन 120 होने आवश्यक हैं। काम की गिनती उस दिन से शुरू होगी जब श्रमिक पहली बार कमाई करता है। एक ही दिन में विभिन्न प्लेटफॉर्म पर काम करने पर हर प्लेटफॉर्म को अलग दिन माना जाएगा।


रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का विवरण

कैसे होगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया?


सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने पर जोर दिया है। 16 वर्ष से अधिक आयु के सभी गिग श्रमिक पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। लाभ प्राप्त करने की अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित की गई है। ई श्रम पोर्टल के माध्यम से आधार से जुड़ा पंजीकरण अनिवार्य होगा। हर पंजीकृत श्रमिक को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और डिजिटल पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म बदलने पर भी श्रमिक के लाभ सुरक्षित रहेंगे।


स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रस्ताव

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए क्या आया प्रस्ताव?


स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का प्रस्ताव है। जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा की सुविधा भी उपलब्ध होगी। भविष्य में एक पेंशन योजना भी लाई जाएगी जिसमें श्रमिक और प्लेटफॉर्म दोनों का योगदान होगा। मातृत्व लाभ और बच्चों के लिए क्रेच सुविधा भी शामिल की गई है। मसौदे में राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड बनाने का प्रावधान है।


इस बोर्ड में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल होंगे। श्रमिक संघों और एग्रीगेटर संघों के प्रतिनिधियों को भी इसमें स्थान दिया जाएगा।


बोर्ड की जिम्मेदारियां

बोर्ड का क्या होगा काम?


बोर्ड का कार्य नीतियों की निगरानी करना और नए एग्रीगेटर्स की पहचान करना होगा। यदि कोई श्रमिक निर्धारित दिनों तक काम नहीं करता है, तो वह लाभ से वंचित रहेगा। 60 वर्ष की आयु के बाद सामाजिक सुरक्षा लाभ समाप्त हो जाएंगे। वर्तमान में इन नियमों पर जनता से राय मांगी जा रही है। मार्च 2026 तक अंतिम अधिसूचना जारी होने की संभावना है।