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भारत में टर्म प्लान की कमी: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के प्रमुख का बयान

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के अधिकारी अमीश बैंकर ने बताया कि भारत में 87% योग्य व्यक्तियों के पास टर्म प्लान नहीं है, जिससे इस क्षेत्र में एक बड़ा अवसर है। उन्होंने दिल्ली में कंपनी के 100% दावा निपटान अनुपात और बढ़ते कारोबार के बारे में भी जानकारी दी। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर और क्या कहा गया।
 

टर्म प्लान में बड़ा अवसर


देश में 87 प्रतिशत योग्य व्यक्तियों के पास अभी भी टर्म प्लान नहीं है, जिससे इस क्षेत्र में एक बड़ा अवसर उत्पन्न होता है।


आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य वितरण अधिकारी, अमीश बैंकर ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि एक अध्ययन के अनुसार, टर्म प्लान में 16.5 लाख करोड़ डॉलर का अंतर है। इस क्षेत्र में एक विशाल बाजार उपलब्ध है।


उन्होंने कहा कि केवल 13 प्रतिशत योग्य लोग ही टर्म प्लान का लाभ उठा रहे हैं, जिसका अर्थ है कि 87 प्रतिशत लोग अभी भी इससे वंचित हैं। कंपनी स्थानीय भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रति आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।


प्रेस वार्ता में बैंकर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कंपनी ने 100 प्रतिशत दावा निपटान अनुपात हासिल किया। इस पहल ने परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहायता प्रदान की है। वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यहां कारोबार में 53.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति 18,427 करोड़ रुपये थी।


उन्होंने कहा कि दिल्ली कंपनी के लिए एक रणनीतिक बाजार है, जहां उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। कंपनी की रणनीति ग्राहकों को भविष्य की योजना बनाने में मदद करने पर केंद्रित है।


वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी का दावा निपटान अनुपात 99.3 प्रतिशत रहा, और बिना जांच वाले व्यक्तिगत दावों का औसत निपटान समय केवल एक दिन था।


एक प्रश्न के उत्तर में बैंकर ने कहा कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का मुख्य कारोबार मेट्रो शहरों में है, जबकि छोटे और मध्यम शहरों में अभी भी काफी संभावनाएं हैं।