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भारत में तेल की कीमतों में वृद्धि: सरकार ने एयर टर्बाइन फ्यूल के लिए सहायता की घोषणा की

भारत में तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है। यह सहायता घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लागू होगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य एविएशन सेक्टर को स्थिरता प्रदान करना है। इसके अलावा, कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं, जैसे कि पुराने वाहनों को हटाने और नए हाइवे बनाने की योजनाएं। जानें इस सहायता योजना के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।
 

भारत में तेल की कीमतों में वृद्धि

वैश्विक संकट के चलते भारत में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। इसके अलावा, विदेश यात्रा भी महंगी हो गई है क्योंकि हवाई ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए, केंद्र सरकार ने एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) का उत्पादन करने वाली तेल कंपनियों को एक बार की सहायता के रूप में अधिकतम 10 हजार करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। यह सहायता घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों दोनों के लिए लागू होगी। सरकार का मानना है कि इससे तेल कंपनियों, एविएशन कंपनियों और ग्राहकों को लाभ होगा।


सरकार की सहायता योजना

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एयरलाइन कंपनियों को दी जाने वाली इस सहायता पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में ATF प्राइस स्टैबलाइजेशन फंड बनाने का निर्णय लिया गया है। इस विषय में सिविल एविएशन मंत्रालय द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी.


अश्विनी वैष्णव का बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट के कारण एक गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत मार्च में 60 रुपये थी, जो मई में बढ़कर 142 रुपये हो गई। घरेलू यात्रियों पर इसका प्रभाव न पड़े, इसलिए सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत को 75.60 रुपये पर स्थिर रखा। हालांकि, यह संकट लंबे समय तक चलने से तेल कंपनियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। हमने इस समस्या का समाधान निकालने का निर्णय लिया है।'


कैबिनेट के अन्य निर्णय

  • दिल्ली-एनसीआर से पुराने ट्रकों और बसों को हटाने के लिए नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) को सहायता दी जाएगी। इसके तहत अगले दो वर्षों में 9585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • ओडिशा में एक नया कोस्टल हाइवे बनाया जाएगा। रामेश्वर और पारादीप के बीच बनने वाले इस हाइवे की लंबाई 163.18 किलोमीटर होगी और इस पर 8300.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • तेलंगाना में 7597.16 करोड़ रुपये की लागत से दो नेशनल हाइवे 63 और 564 को 4 लेन का बनाया जाएगा।