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भारत में नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के अवसर: प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेशकों को भारत में नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि देश में राजनीतिक स्थिरता है और अगले 10-11 वर्षों में 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। मोदी ने कहा कि भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है और ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में निहित है।
 

प्रधानमंत्री मोदी का निवेशकों के लिए संदेश

नई दिल्ली, 2 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि देश में राजनीतिक और नीतिगत स्थिरता है, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए कई अवसर उपलब्ध हैं। मोदी ने कहा कि भारत अगले 10 से 11 वर्षों में लगभग 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने की दिशा में अग्रसर है।


उन्होंने ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026’ के उद्घाटन सत्र में कहा कि देश की स्वच्छ ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा।


मोदी ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है, लेकिन इसे हासिल करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि भारत ने पिछले 10 वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विकास नहीं किया होता, तो देश में ऊर्जा संकट अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता था।


पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद, भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है। मोदी ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आई थी, जिससे कई देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


उन्होंने निवेशकों से कहा कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के अवसर उपलब्ध हैं। मोदी ने यह भी बताया कि भारत सौर और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें सभी सरकारी भवनों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सड़कों की रोशनी को सौर ऊर्जा से जोड़ने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, हमें स्वदेशी ऊर्जा भंडारण समाधान विकसित करने और बैटरी भंडारण की नई क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।


उन्होंने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, और देश ने सालाना 50 लाख टन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है।


मोदी ने हरित ऊर्जा गलियारे का भी जिक्र किया, जो आने वाले समय में विकसित होने वाली नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से उत्पादित बिजली को अन्य क्षेत्रों में पहुंचाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने हरित ऊर्जा गलियारे के दूसरे चरण के लिए दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में निहित है। अब तक 44,000 से अधिक सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है, जिससे सालाना लगभग 700 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।