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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से वृद्धि

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में तीसरी बार वृद्धि हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे और डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़ी है। तेल कंपनियों का कहना है कि वे लंबे समय से नुकसान में हैं। इस लेख में जानें कि कैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और मध्य पूर्व के संकट ने इन कीमतों को प्रभावित किया है।
 

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी

इस महीने भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीसरी बार वृद्धि हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़ गई है। यह इस महीने की तीसरी बार है जब दाम बढ़ाए गए हैं। पहले इस हफ्ते 90 पैसे और कुछ दिन पहले 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी.


तेल कंपनियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से भारी नुकसान झेल रही थीं। अब आम जनता पर बोझ बढ़ गया है। आने वाले दिनों में पेट्रोलियम की कीमतों में और वृद्धि की संभावना है.


पश्चिम एशिया में संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच टकराव के कारण यह संकट अभी भी जारी है.


पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें

पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। आपके शहर में ये दरें अलग-अलग हो सकती हैं:


पेट्रोल



  • दिल्ली: ₹99.51 (+₹0.87)

  • कोलकाता: ₹110.64 (+₹0.94)

  • मुंबई: ₹108.49 (+₹0.90)

  • चेन्नई: ₹105.31 (+₹0.82)


डीजल



  • दिल्ली: ₹92.49 (+₹0.91)

  • कोलकाता: ₹97.02 (+₹0.95)

  • मुंबई: ₹95.02 (+₹0.94)

  • चेन्नई: ₹96.98 (+₹0.87)


कीमतों में वृद्धि के कारण

दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की समाप्ति के कारण ये दाम बढ़ रहे हैं। भारत अपनी आवश्यकताओं का 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ जाते हैं.


क्रूड ऑयल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतें लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इस स्थिति में तेल कंपनियों को घरेलू कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने पहले भी दाम बढ़ाने की संभावना जताई थी। यह संकट अभी समाप्त होता नहीं दिख रहा है.