भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: उपभोक्ताओं पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का प्रभाव अब भारत के आम नागरिकों पर भी पड़ने लगा है। प्रमुख निजी ईंधन कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की है। पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस निर्णय से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है, जबकि पहले से ही महंगाई का दबाव बना हुआ है।
कीमतों में वृद्धि का प्रभाव
नई दरों के अनुसार, भोपाल में पेट्रोल की कीमत 106.74 रुपये से बढ़कर 111.74 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 91.86 रुपये से बढ़कर 94.86 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इस अचानक वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोग अब सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं, जहां कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं।
35 दिन की संभावित बंदी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Nayara Energy अप्रैल की शुरुआत से लगभग 35 दिनों के लिए अपने संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने की योजना बना रही है। यदि ऐसा होता है, तो भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8 प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। इससे बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं, हालांकि कंपनी ने इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सरकार का आश्वासन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सभी रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें।