भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: जानें कारण और प्रभाव
ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव अब सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है। भारत की प्रमुख निजी तेल कंपनी, नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की है। इसके परिणामस्वरूप, पेट्रोल की कीमत ₹5.30 और डीजल की ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ गई है.
ऊर्जा संकट का प्रभाव
हाल के कुछ हफ्तों में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा गया है, जिसके कारण भारत में ईंधन की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं.
कीमतों में वृद्धि के कारण
दुनिया भर में तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के माध्यम से आता है, जो युद्ध के कारण लगभग बंद हो गया है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच तेल सुविधाओं पर हमलों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कमी पैदा कर दी है.
नायरा एनर्जी की स्थिति
नायरा एनर्जी, जो भारत में लगभग 7,000 पेट्रोल पंपों का संचालन करती है, ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। कंपनी ने बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूलने का निर्णय लिया है.
सरकारी और निजी कंपनियों के बीच अंतर
विशेषज्ञों का कहना है कि निजी तेल कंपनियों को सरकारी कंपनियों की तरह कोई आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं मिलता है। सरकारी कंपनियां सरकार के निर्देशों के अनुसार घाटा सहन कर कीमतें स्थिर रख सकती हैं, जबकि निजी कंपनियों के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता.
पेट्रोल पंपों पर भीड़
तेल की कमी और बढ़ती कीमतों की खबरों के बीच कई राज्यों में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग अपने वाहनों की टंकियों को भरने के लिए पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगा रहे हैं. केवल पेट्रोल ही नहीं, बल्कि रसोई गैस की भी कमी देखी जा रही है, जिससे गैस डिपो के बाहर भारी भीड़ जमा हो रही है.
शहरों में पेट्रोल-डीजल की स्थिति
देश के बड़े शहरों में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत ₹107.46 प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत ₹95.70 है। मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार बनी हुई है। गुड़गांव में पेट्रोल ₹95.57 और नोएडा में ₹95.16 तक पहुंच गया है.