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भारत में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें: राहत और बढ़ोतरी का मिश्रण

19 अप्रैल 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी की गई हैं। कई बड़े शहरों में कीमतें स्थिर हैं, जबकि कुछ स्थानों पर मामूली बढ़ोतरी और गिरावट देखी गई है। मुंबई और दिल्ली में कीमतें अपरिवर्तित हैं, जबकि मुजफ्फरपुर में पेट्रोल की कीमत में वृद्धि हुई है। जानें अन्य शहरों में कीमतों की स्थिति और इसके पीछे के कारण।
 

नई कीमतों की घोषणा


नई दिल्ली: 19 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी की गई हैं। कई बड़े शहरों में कीमतें स्थिर हैं, जबकि कुछ स्थानों पर मामूली बढ़ोतरी और गिरावट देखी गई है। भारतीय तेल कंपनियों के अनुसार, मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं, जिससे आम जनता को थोड़ी राहत मिली है।


पेट्रोल की कीमतें

पेट्रोल की कीमतों की बात करें तो मुंबई में यह 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि नई दिल्ली में यह 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। हालांकि, बिहार के मुजफ्फरपुर में पेट्रोल की कीमत में 65 पैसे की वृद्धि हुई है, जिससे वहां के निवासियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।


अन्य शहरों में कीमतें

अन्य शहरों में कितना है दाम?


चेन्नई और नोएडा जैसे शहरों में मामूली गिरावट देखी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है। भोपाल में पेट्रोल की कीमत 106.52 रुपये, पटना में 105.23 रुपये और कोलकाता में 105.41 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। झारखंड के जमशेदपुर में पेट्रोल की कीमत में 84 पैसे की वृद्धि हुई है, जबकि गया और भागलपुर में कीमतों में कमी आई है।


डीजल की कीमतें

डीजल की कितनी है कीमत?


डीजल की कीमतें दिल्ली में 87.67 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 90.03 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं। जमशेदपुर में डीजल की कीमत में 83 पैसे की वृद्धि हुई है, जिससे परिवहन और माल ढुलाई महंगी हो सकती है। वहीं, गया और भागलपुर में डीजल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे स्थानीय लोगों को थोड़ी राहत मिली है।


कीमतों पर प्रभाव डालने वाले कारक

पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे होती हैं प्रभावित?


पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स भी कीमतों को प्रभावित करते हैं, जिसके कारण हर शहर में अलग-अलग रेट देखने को मिलते हैं।