भारत में पॉलीमर नोटों की संभावनाएं: आरबीआई की समीक्षा जारी
पॉलीमर नोटों पर आरबीआई का विचार
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक कागज के नोटों के स्थान पर पॉलीमर या प्लास्टिक के नोटों को लागू करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। हालांकि, आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि इस विषय पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक चरण में है और इसकी गहन समीक्षा की जा रही है।
केंद्रीय बैंक यह जानने का प्रयास कर रहा है कि क्या भारत जैसे विशाल देश के लिए प्लास्टिक नोट उपयोगी और व्यवहारिक होंगे। गवर्नर ने स्वीकार किया कि प्लास्टिक करेंसी के बारे में आ रही खबरें कुछ हद तक सही हैं, लेकिन बैंक अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। उनके अनुसार, किसी भी कदम को उठाने से पहले अधिकारियों को पॉलीमर नोटों के लाभ और हानि दोनों पहलुओं का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना होगा।
प्लास्टिक नोटों की चर्चा का कारण
प्लास्टिक नोटों की चर्चा का कारण
दुनिया के कई देशों में पहले से ही प्लास्टिक के नोटों का उपयोग किया जा रहा है, जिसका मुख्य कारण उनकी दीर्घकालिकता है। ये पारंपरिक कागज के नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं। ये जल्दी फटते या खराब नहीं होते, पानी में नहीं गलते और इनमें सुरक्षा के आधुनिक फीचर्स जोड़ना भी सरल होता है। हालांकि, आरबीआई इस प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों पर भी ध्यान दे रहा है, जैसे कि इन्हें छापने की लागत, देशभर में लागू करने की विधि और इसके प्रबंधन की प्रक्रिया।
गवर्नर ने आश्वासन दिया कि जैसे ही आरबीआई की समीक्षा पूरी होगी और कोई निर्णय लिया जाएगा, जनता को इसकी जानकारी दी जाएगी। तब तक, यह प्रस्ताव केवल एक विचार के रूप में देखा जा रहा है।
कैश की उपलब्धता पर आरबीआई का स्पष्टीकरण
कैश की किल्लत पर आरबीआई का जवाब
पॉलीमर नोटों के अलावा, गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश में नकदी की उपलब्धता को लेकर चल रही चिंताओं को भी दूर किया। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि बाजार में मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में करेंसी उपलब्ध है। यदि किसी विशेष क्षेत्र में नकदी की थोड़ी कमी होती है, तो केंद्रीय बैंक उसे हल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने बताया कि आरबीआई लगातार एटीएम और बैंक शाखाओं में पैसे की आपूर्ति पर नजर रखता है। कहीं भी कमी की रिपोर्ट आते ही केंद्रीय बैंक तुरंत कदम उठाता है। गवर्नर ने जोर देकर कहा कि देश में पैसे की आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के बनाए रखना आरबीआई की प्राथमिकता है। इसलिए, जहां एक ओर पॉलीमर नोटों की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर देशभर में नकदी की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल, प्लास्टिक के नोटों का विचार केवल कागजों में है और इसे लागू करने की कोई आधिकारिक योजना नहीं है।