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भारत में प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की विकास आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रौद्योगिकी और नवाचार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उन्होंने अगले वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का कौशल सिखाने की योजना की घोषणा की। मोदी ने 'विकसित भारत' के लिए सात सूत्री योजना का उल्लेख करते हुए एआई, क्वांटम तकनीक, और अन्य क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने 6जी संचार प्रौद्योगिकी में भारत के नेतृत्व का लक्ष्य भी रखा।
 

प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की विकास आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रौद्योगिकी और नवाचार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने अगले वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का कौशल सिखाने की योजना की घोषणा की।


स्वतंत्रता दिवस के 80वें अवसर पर अपने संबोधन में, मोदी ने बताया कि एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तेजी से उभर रहे हैं, और भारत को इन क्षेत्रों में नेतृत्व करना आवश्यक है।


सप्त धारा और नवाचार

प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के लिए सात सूत्री योजना 'सप्त धारा' का उल्लेख करते हुए प्रौद्योगिकी और नवाचार को तीसरी 'शक्ति' के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि एआई, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर में हो रहे बदलाव नए अवसरों के साथ-साथ चुनौतियां भी लाते हैं।


उन्होंने कहा, 'आज की दुनिया एआई, क्वांटम, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर्स की है। नए क्षेत्र खुल रहे हैं।'


भारत का नवाचार केंद्र बनने का लक्ष्य

मोदी ने यह भी बताया कि उभरती तकनीकें नई चुनौतियों का सामना करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने भारत को नवाचार का केंद्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


उन्होंने कहा कि भारत ने यूपीआई और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित किया है और अब उसे 'डिजिटल सार्वजनिक प्रौद्योगिकियों' में भी एक प्रमुख शक्ति बनना होगा।


6जी और कौशल विकास

प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत को अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकी में नेतृत्व करना चाहिए। मेड इन इंडिया 6जी को देश के हर कोने तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।'


मोदी ने एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए युवाओं को तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम की घोषणा की। उन्होंने कहा, 'आने वाले एक साल में हम एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए काम करेंगे, ताकि भारत के युवा एआई युग का नेतृत्व कर सकें।'