×

भारत में मेटा के साथ बाल यौन शोषण सामग्री पर चर्चा

भारत सरकार मेटा के साथ बाल यौन शोषण और उत्पीड़न सामग्री से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई और तकनीकी चुनौतियाँ शामिल हैं। जानें इस बैठक में क्या चर्चा होगी और मेटा को क्या अपेक्षाएँ हैं।
 

बाल यौन शोषण सामग्री पर मेटा के साथ बैठक

नई दिल्ली, चार अगस्त: सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को बताया कि सरकार मेटा के वैश्विक प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में बाल यौन शोषण और उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि मेटा, जो तकनीकी क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है, को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी प्रणालियाँ सही तरीके से कार्य कर रही हैं। कृष्णन ने बताया कि मेटा का वैश्विक दल पांच और छह अगस्त को भारत में उपस्थित रहेगा।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मेटा के फेसबुक प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था, जिसके बाद सरकार ने मेटा के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया है। इसके अलावा, इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार के मामलों को लेकर मेटा पर नियामकीय जांच भी चल रही है।


इस विषय पर सरकार पहले ही मेटा को नोटिस जारी कर चुकी है। कृष्णन ने आईआईटी मद्रास और जोश टॉक्स एआई द्वारा विकसित एक स्वतंत्र मल्टीमॉडल एआई मूल्यांकन मंच के उद्घाटन के दौरान संवाददाताओं से कहा, 'कई मुद्दे हैं... सीएसएएम का मामला उठाया गया था, इसलिए यह जानना आवश्यक है कि इस पर क्या कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा, प्रमुख व्यक्तियों के सत्यापित खातों से सामग्री हटाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए।' उन्होंने कहा, 'हम मेटा से यह जानना चाहेंगे कि इनमें से कुछ चीजें अपेक्षित तरीके से क्यों नहीं काम कर रही हैं और इसमें क्या चुनौतियाँ हैं।' कृष्णन ने यह भी कहा कि मेटा जैसी अग्रणी तकनीकी कंपनियों के पास इन समस्याओं का प्रभावी समाधान करने की क्षमता होनी चाहिए।