भारत में यात्रा क्षेत्र पर साइबर हमलों में वृद्धि: रिपोर्ट
साइबर हमलों का बढ़ता खतरा
छुट्टियों के दौरान यात्रा की बुकिंग में वृद्धि का लाभ उठाने के लिए साइबर अपराधी भारत के यात्रा और आतिथ्य उद्योग को बड़े पैमाने पर निशाना बना रहे हैं। एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ये संस्थान वैश्विक औसत की तुलना में अधिक साइबर हमलों का सामना कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा कंपनी 'चेक पॉइंट रिसर्च' द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह महीनों में भारत में संगठनों को प्रति सप्ताह औसतन 3,296 साइबर हमले झेलने पड़े, जबकि वैश्विक औसत 2,085 हमले प्रति सप्ताह रहा।
आतिथ्य और यात्रा क्षेत्र पर प्रभाव
मई 2026 में, आतिथ्य, यात्रा और मनोरंजन क्षेत्र के संस्थानों पर औसतन 2,291 साप्ताहिक साइबर हमले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक हैं। इसके विपरीत, अन्य क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर साइबर हमलों में केवल दो प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई।
'चेक पॉइंट रिसर्च' ने बताया कि भारत में खतरा और भी गंभीर है, क्योंकि पिछले महीने में पाए गए 86 प्रतिशत खतरनाक फाइलें डिजिटल माध्यमों से भेजी गईं।
फर्जी वेबसाइटों का बढ़ता उपयोग
यह स्पष्ट है कि फर्जी यात्रा वेबसाइटें, नकली बुकिंग प्लेटफार्म और भ्रामक ऑनलाइन विज्ञापन साइबर अपराधियों के लिए यात्रियों को ठगने के सबसे प्रभावी उपकरण बन गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में यात्रा से संबंधित 47,318 नए डोमेन (इंटरनेट पते) पंजीकृत किए गए, जो अप्रैल की तुलना में 33 प्रतिशत और मई 2025 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें से हर 112 में से एक डोमेन पहले से ही संदिग्ध श्रेणी में चिह्नित किया जा चुका है, और इनमें से कई पते यात्रा संबंधी इंटरनेट गतिविधियों के चरम समय में दुरुपयोग के लिए सक्रिय किए जा सकते हैं।