भारत में रसोई गैस की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में राहत
केंद्र सरकार ने रसोई गैस की कीमतों पर बयान दिया है, जिसमें बताया गया है कि भारतीय उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में कम कीमत पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद राहत देने के लिए बड़ा वित्तीय बोझ उठाया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि दी जा रही है, जिससे गरीब परिवारों को राहत मिल रही है। इसके अलावा, संकट के दौरान भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखा है। जानें इस विषय में और क्या कहा गया है।
Jun 8, 2026, 21:29 IST
रसोई गैस की कीमतों पर केंद्र सरकार का बयान
रसोई गैस की कीमतों पर चल रही चर्चाओं के बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं को कई देशों की तुलना में कम दाम पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों के बावजूद, आम लोगों को राहत देने के लिए उसने बड़ा वित्तीय बोझ उठाया है।
भारत में रसोई गैस की कीमतें पड़ोसी देशों से कम
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत में रसोई गैस का सिलेंडर पड़ोसी देशों की तुलना में सस्ता है। इसके अलावा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में भी भारतीय उपभोक्ता कम कीमत पर गैस प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सहायता राशि दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को साल में पहली चार बार गैस भरवाने पर प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सहायता मिलती है। इसके बाद, लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम का गैस सिलेंडर 642 रुपये में उपलब्ध हो रहा है, जबकि दिल्ली में सामान्य उपभोक्ताओं के लिए इसकी खुदरा कीमत 942 रुपये है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तनाव का प्रभाव
हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की परिस्थितियों ने गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है। मंत्रालय के अनुसार, फरवरी से जून के बीच अंतरराष्ट्रीय मानक दर में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत 1600 रुपये से अधिक हो गई।
उपभोक्ताओं को राहत देने का सरकार का प्रयास
यदि इस बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाता, तो रसोई गैस की कीमतें काफी अधिक हो सकती थीं। हालांकि, सरकार ने मूल्य वृद्धि का बड़ा हिस्सा खुद उठाते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने का निर्णय लिया है। मंत्रालय का कहना है कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से घरेलू परिवारों को बचाना है।
पड़ोसी देशों की तुलना में कम कीमत
सरकार ने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों द्वारा चुकाई जा रही प्रभावी कीमत पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में रसोई गैस की कीमतों से भी कम है। इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत मिल रही है।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का ध्यान
ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में, सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी भारत ने अपनी आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया है। मंत्रालय के अनुसार, समुद्री मार्गों में गंभीर व्यवधान के बावजूद, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा है, जिसने अपने ऊर्जा संबंधी मालवाहक जहाजों की आवाजाही जारी रखी है।
पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं
जानकारी के अनुसार, देश में पेट्रोलियम उत्पादों या रसोई गैस की कोई कमी नहीं हुई है। गैस भराई और वितरण की प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रही है। इसके अलावा, संकट के दौरान घरेलू गैस उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है।
अतिरिक्त गैस की व्यवस्था
सरकार ने बताया कि देश में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त गैस की व्यवस्था की गई है। मंत्रालय का कहना है कि इन कदमों के कारण देशभर में रसोई गैस की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस मिलती रही है।