भारत में रियल एस्टेट निवेश में 72% की वृद्धि
नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ता रियल एस्टेट
वर्तमान में यह नए रिकॉर्ड 5.1 अरब डॉलर पर पहुंचा
रियल एस्टेट निवेश: हाल के वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने तेजी से प्रगति की है। विभिन्न प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने भारत को सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में मान्यता दी है, भले ही कुछ चुनौतियाँ सामने आई हों।
इस दौरान, रियल एस्टेट क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में निवेश ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, जनवरी-मार्च में भारतीय रियल एस्टेट में पूंजी निवेश सालाना आधार पर 72% बढ़कर 5.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
रियल एस्टेट का विस्तार
सीबीआरई के अनुसार, इस रिकॉर्ड निवेश में डेवलपर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बाद रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) का योगदान रहा। आंकड़ों के अनुसार, कुल निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी 42% रही, जबकि रीट का योगदान 40% रहा। कुल निवेश का 96% हिस्सा घरेलू निवेशकों से आया, जिसमें डेवलपर्स की प्रमुख भूमिका थी।
अमीरों की संख्या में वृद्धि
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक प्रभाव का असर देश के सुपर रिच क्लब में भी दिखाई दे रहा है। प्रमुख रियल एस्टेट कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अरबपतियों की संख्या में आने वाले वर्षों में भारी वृद्धि होने की संभावना है। अनुमान है कि 2031 तक भारत में अरबपतियों की संख्या 51% बढ़कर 313 तक पहुंच जाएगी।
वैश्विक रैंकिंग में भारत का स्थान
भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा अति अमीर आबादी वाला देश बन चुका है। अरबपतियों की संख्या में पिछले पांच वर्षों में 58% की वृद्धि हुई है। इस श्रेणी में भारत अब अमेरिका (914 अरबपति) और चीन (485 अरबपति) के बाद तीसरे स्थान पर है।